
हाथरस 26 अप्रैल । हसायन ब्लॉक के ग्राम कटई में बासी भोजन करने से एक ही परिवार के आठ सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई। डायरिया की शिकायत होने पर सभी को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सिकंदराराऊ में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल कैंप लगाया। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम कटई निवासी परिवार ने शनिवार (25 अप्रैल) को सुबह लौकी की सब्जी और चावल बनाए थे। बचा हुआ भोजन रात में भी परिवार के सदस्यों ने खाया, जिसके लगभग एक घंटे बाद रात 10 बजे से सभी को पेट दर्द और दस्त की शिकायत होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर सभी को देर रात अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई। एपीडेमियोलॉजिस्ट डॉ. पवन कुमार और चिकित्सकीय टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। डॉ. उपेन्द्र कुमार के निर्देशन में गांव में मेडिकल कैंप लगाया गया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों का हाल जाना, जहां सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर और सुधार की ओर बताई गई है। सर्वे के दौरान गांव में अन्य किसी घर में बीमारी का प्रसार नहीं पाया गया। मेडिकल कैंप में कुल 38 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें बुखार, खुजली, सर्दी-जुकाम और आंखों के इंफेक्शन के रोगी शामिल रहे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने प्रारंभिक तौर पर इसे ‘फूड पॉइजनिंग’ का मामला बताया है और ग्रामीणों को बासी भोजन न करने एवं स्वच्छता बरतने की सलाह दी है। सूचना मिलते ही प्रभावित परिवार का हाल जाना गया। उपचार के बाद सभी की स्थिति सामान्य है। ग्रामीणों को खान-पान के प्रति सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।






















