
हाथरस 18 अप्रैल । वर्तमान में भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए कमर कस ली है। प्रभारी अधिकारी (आपदा) ने जिले के नागरिकों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए बताया है कि गर्मी के दौरान बिजली के तारों में चिंगारी से फसल अवशेष जलने, बाजारों में शॉर्ट सर्किट और रसोई गैस के बढ़ते प्रयोग से घरों व दुकानों में आग लगने की आशंका काफी बढ़ जाती है। आगजनी के मुख्य कारणों में ढीले तारों में चिंगारी, ओवरलोडिंग, खराब वायरिंग, गैस रिसाव और ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण शामिल है। इसके अलावा, कूड़ा या फसल अवशेष जलाना, धूम्रपान और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी बड़ी दुर्घटनाओं का सबब बन सकती है। प्रभारी अधिकारी (आपदा) ने विशेष रूप से स्कूल-कॉलेजों और औद्योगिक इकाइयों के लिए निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों में बच्चों को आग से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए और नियमित रूप से मॉक-ड्रिल आयोजित की जाए। सभी संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म और पानी की व्यवस्था को हमेशा कार्यशील अवस्था में रखा जाना चाहिए। औद्योगिक इकाइयों को भी सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने, कर्मचारियों को अग्निशमन प्रशिक्षण देने और आपातकालीन अलार्म एवं स्प्रिंकलर सिस्टम को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आम जनमानस के लिए बचाव के उपाय बताते हुए प्रशासन ने सलाह दी है कि घरों की वायरिंग की समय-समय पर जांच कराएं और केवल आईएसआई (ISI) मार्क वाले उपकरणों का ही उपयोग करें। रसोई में गैस सिलेंडर को हमेशा सीधा रखें और पाइप व रेगुलेटर की नियमित जांच करें। सोते समय अनावश्यक विद्युत उपकरणों को बंद कर दें और प्रत्येक दुकान व प्रतिष्ठान में अनिवार्य रूप से अग्निशमन यंत्र रखें। किसानों से भी अपील की गई है कि वे फसल अवशेष (नरई) जलाने से बचें और खेतों के आसपास पानी की व्यवस्था रखें। साथ ही, बिजली के तारों के नीचे सूखी घास या फसल का भंडारण न करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग लगने की स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड (101) को सूचित करें और घबराने के बजाय शांत रहकर सुरक्षित स्थान की ओर निकलें। बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का प्रयोग करें और धुएं से बचने के लिए झुककर चलें। विशेष चेतावनी दी गई है कि बिजली से लगी आग पर कभी भी पानी का प्रयोग न करें और गैस रिसाव के समय बिजली के स्विच ऑन या ऑफ न करें। बिना प्रशिक्षण के रासायनिक आग बुझाने का प्रयास करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।


























