
हाथरस 18 अप्रैल । स्थानीय क्षेत्र के ग्राम बावस में कृषि विज्ञान केंद्र हाथरस के प्रभारी अधिकारी डॉ. एस. आर. सिंह के कुशल निर्देशन में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और कृषि लागत कम करने के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के गुर सिखाए। कृषि वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह ने उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए उन्हें उर्वरकों के अंधाधुंध और अनियंत्रित प्रयोग से होने वाले घातक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। उन्होंने संतुलित खाद प्रबंधन के लिए ‘सही समय, सही मात्रा, सही स्रोत और सही स्थान’ के चार प्रमुख सिद्धांतों को अपनाने की सलाह दी। डॉ. सिंह ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को मृदा परीक्षण (Soil Testing) अवश्य कराना चाहिए। उन्होंने मिट्टी में जैविक कार्बन बढ़ाने हेतु रसायनों के बजाय जैविक खाद और जैव उर्वरकों के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। वहीं, कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरविन्द्र पाल ने पौधों के विकास के लिए आवश्यक 17 पोषक तत्वों के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने ‘कंसोर्टिया’ और टीएसपी के लाभ गिनाते हुए बताया कि किस प्रकार संतुलित पोषण प्रबंधन के माध्यम से फसल की पैदावार बढ़ाई जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिकों ने किसानों को रसायनों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने का संकल्प दिलाया। इस दौरान क्षेत्र के तमाम जागरूक किसान मौजूद रहे।


























