Hamara Hathras

Latest News

हाथरस 18 मार्च । ब्रज की पावन धरा हाथरस में वर्ष 1978 से अनवरत चली आ रही परंपरागत ब्राह्मण महासभा की भव्य भगवान परशुराम शोभायात्रा इस वर्ष अपनी 48वीं वर्षगांठ के अवसर पर ऐतिहासिक स्वरूप में निकाली जाएगी। पंडित योगेन्द्र शर्मा (योगा पंडित) की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस शोभायात्रा की तैयारियाँ पिछले दो माह से युद्ध स्तर पर जारी हैं। इस बार यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान परशुराम का नवीनीकृत भव्य रथ होगा, जिस पर सवार होकर अस्त्र-शस्त्र के ज्ञाता और भगवान विष्णु के छठे अवतार चिरंजीवी जमदग्नि पुत्र परशुराम नगर भ्रमण करेंगे। हालांकि रथयात्रा के मार्ग में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, लेकिन आयोजन को भव्य बनाने के लिए ब्राह्मण युवाओं और आचार्यों में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। युवा वर्ग जहाँ परशुराम के प्रतीक चिन्ह ‘फरसा’ को चमकाने में जुटा है, वहीं पंडित और आचार्य अपनी पारंपरिक वेशभूषा धोती-कुर्ता और अंगरखा तैयार कर रहे हैं।

इस वर्ष की शोभायात्रा की सबसे बड़ी खासियत ‘महिला ब्रिगेड’ का शामिल होना है, जो हाथों में फरसा धारण कर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगी और नारी शक्ति का प्रदर्शन करेंगी। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर निकलने वाली इस यात्रा में 9 काली और 18 भैरव का स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो नगर की सड़कों पर आस्था की अद्भुत छटा बिखेरेंगे। यह आयोजन बालकिशन शर्मा “बल्लो गुरु जी” द्वारा 1978 में स्थापित उस गौरवशाली परंपरा की याद दिलाता है, जब उन्होंने 9 कालियों और 27 भैरव के साथ एक ऐतिहासिक दृश्य प्रस्तुत किया था। ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा, महासचिव जय शर्मा, कोषाध्यक्ष तरुण शर्मा, प्रशांत शर्मा और विशाल सारस्वत सहित पूरी टोली रात्रि तक गांव-गांव और घर-घर जाकर समाज को एकता के सूत्र में पिरोने और यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दे रही है।

फोटो : बालकिशन शर्मा “बल्लो गुरु जी”

अध्यक्ष पंडित योगेन्द्र शर्मा ने जिले के समस्त ब्राह्मण बंधुओं और अन्य समाज के लोगों से सपरिवार इस धार्मिक उत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है। उन्होंने जानकारी दी कि शोभायात्रा दोपहर 3 बजे चित्रकूट बगीची से आरंभ होकर रात्रि में अटल टाल पर विश्राम के साथ संपन्न होगी। यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं से शालीनता, अनुशासन और सामाजिक समरसता का परिचय देने का विशेष अनुरोध किया गया है, ताकि सनातन संस्कृति का यह उत्सव संपूर्ण नगर के लिए गौरव का विषय बने।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page