
हाथरस 30 जून। जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित 10 बेड का कैंसर डे-केयर वार्ड जगह के अभाव में अधर में लटक गया है। अस्पताल प्रबंधन और जिला होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी (डीएचओ) कार्यालय के बीच कमरों को लेकर चल रहा गतिरोध इस महत्वाकांक्षी योजना की राह में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जिस स्थान पर कैंसर डे-केयर वार्ड स्थापित किया जाना प्रस्तावित है, वहां वर्तमान में जिला होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी का कार्यालय संचालित हो रहा है। इस स्थान को खाली कराने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से नोटिस भी जारी किया गया है, लेकिन अब तक दोनों कमरे खाली नहीं हो सके हैं। इसके चलते शासन को वार्ड से संबंधित अंतिम प्रस्ताव भी नहीं भेजा जा सका है।
बताया जा रहा है कि पहले डीएचओ कार्यालय को आयुष विंग में स्थानांतरित करने की योजना बनी थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद नई व्यवस्था के तहत जिला अस्पताल की इमरजेंसी को टीबी अस्पताल परिसर में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। इमरजेंसी भवन खाली होने पर वहां डीएचओ कार्यालय शिफ्ट करने का प्रस्ताव है, लेकिन जिला होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी मरीजों के हितों का हवाला देते हुए वर्तमान स्थान छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। यदि यह विशेष कैंसर डे-केयर वार्ड शुरू हो जाता है, तो जिले के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बार-बार आगरा या अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस वार्ड के माध्यम से बड़े मेडिकल कॉलेजों में उपचाराधीन मरीजों को कीमोथेरेपी जैसी आगे की उपचार प्रक्रियाएं जिला अस्पताल में ही उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इससे मरीजों का समय, धन और अनावश्यक भागदौड़ तीनों कम होंगे।
इसके अलावा जिला अस्पताल की ओपीडी में यदि कोई संदिग्ध कैंसर मरीज मिलता है, तो उसे इसी डे-केयर वार्ड में पंजीकृत कर सीधे एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर किया जाएगा, जिससे बिना देरी के उपचार शुरू कराया जा सके। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कैंसर डे-केयर वार्ड के संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ का प्रशिक्षण पहले ही कराया जा चुका है। अब केवल स्थान उपलब्ध होने का इंतजार है, ताकि निर्माण एवं अन्य तैयारियां पूरी कर इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का लाभ जिले के मरीजों को जल्द से जल्द मिल सके।


























