
हाथरस 26 जून। शहर की एक महिला ने अपने पति पर घरेलू हिंसा, मारपीट, बेटे को जबरन अपने पास रखने तथा लगातार जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। मोहल्ला संतोषी, गणेशगंज निवासी रजनी सिंह ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनका विवाह वर्ष 2020 में खातीखाना, भांग वाला नोहरा वाली गली निवासी प्रमोद चौधरी के साथ हुआ था। दंपति का एक चार वर्षीय पुत्र गौरंश है। पीड़िता का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही पति का व्यवहार हिंसक हो गया और वह आए दिन मारपीट करने लगा। जान का खतरा महसूस होने पर वह अपने बेटे के साथ दिल्ली स्थित अपनी बहन के घर रहने चली गई। रजनी सिंह के अनुसार, नवंबर 2025 (प्रार्थना पत्र में अंकित घटनाक्रम के अनुसार) में पति ने समझौते का भरोसा देकर उन्हें हाथरस बुलाया, लेकिन यहां आने पर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने का प्रयास किया गया। इसी दौरान उनके चार वर्षीय बेटे को भी जबरन अपने पास रख लिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में कोतवाली पुलिस और बाल कल्याण समिति के हस्तक्षेप के दौरान भी बच्चा पति के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद वह करीब चार महीने तक अपने बेटे से मिलने हाथरस आती रहीं, लेकिन हर बार पति शराब के नशे में मारपीट करता और उनसे पैसे की मांग करता था। पीड़िता का कहना है कि मार्च 2026 के बाद उन्होंने हाथरस आना बंद कर दिया। इसके बाद पति लगातार फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहा है। इतना ही नहीं, वह उनकी बहनों अनीता, गीता और हाल ही में विवाहिता राखी को भी फोन कर परेशान कर रहा है तथा उनके ससुराल पहुंचकर उन्हें अपमानित कर रहा है। रजनी सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर तीन बार ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई, लेकिन स्थानीय पुलिसकर्मियों ने उनकी मदद नहीं की। उनका आरोप है कि मोबाइल पर आए ओटीपी लेकर उनकी सहमति के बिना तीनों शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर पति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने, अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।






















