
हाथरस 17 जून । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने प्रदेश के 465 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी है। इनमें हाथरस जिले के पांच विद्यालय भी शामिल हैं। बोर्ड द्वारा यह कार्रवाई निर्धारित मानकों एवं शर्तों का अनुपालन न किए जाने के कारण की गई है।
बोर्ड सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार संबंधित विद्यालयों में पिछले दो वर्षों से एक भी विद्यार्थी नामांकित नहीं था तथा अन्य आवश्यक मानकों और शर्तों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। इन विद्यालयों के छात्र बोर्ड परीक्षाओं में भी शामिल नहीं हो रहे थे। जांच में पाया गया कि ये विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय मान्यता विनियमावली के तहत निर्धारित नियमों का अनुपालन करने में असफल रहे हैं। विभिन्न स्तरों पर जांच और परीक्षण के बाद विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। हालांकि संतोषजनक जवाब न मिलने पर बोर्ड ने उनकी मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया। आदेश के अनुसार जिन विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है, वे शैक्षिक सत्र 2025-26 से किसी भी कक्षा में नए प्रवेश नहीं ले सकेंगे। इस कार्रवाई के बाद संबंधित विद्यालयों के संचालकों और प्रबंधकों में खलबली मच गई है और वे शासनादेश की विस्तृत जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। हाथरस जिले में जिन पांच विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है, उनमें एसबीएलएसएस इंटर कॉलेज (बीएच मिल रोड), बी. प्रताप महेंद्र सिंह हाई स्कूल (टिकारी), एसआरकेयूएमवी (मितनपुर), राजकमल हाईस्कूल (सुमेरपुर, कचौरा) तथा श्री महावीर प्रसाद हाई स्कूल (भगवानपुर हतीसा) शामिल हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार यह कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।





















