
हाथरस 31 अक्टूबर। आगामी धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज एवं छठ पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ पुलिस लाइन स्थित ऑडिटोरियम में संबंधित अधिकारियों, पुलिस प्रशासन एवं शांति समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम, अभियोजन कार्यों, एनडीपीएस एक्ट, नशा मुक्ति और लंबित वादों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों से संबंधित सभी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। पटाखों की दुकानें निर्धारित एवं सुरक्षित स्थानों पर ही लगाई जाएं तथा विक्रेताओं के लाइसेंस, दुकानों की व्यवस्था और अग्निशमन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। किसी भी स्थान पर पटाखों का अवैध भंडारण न होने पाए। इसके लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी, उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी संयुक्त रूप से पटाखा बिक्री स्थलों का निरीक्षण करें। बाजारों में भीड़ को देखते हुए महिलाओं की सुरक्षा, पुलिस गश्त और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को प्रभावी जांच अभियान चलाने और मिलावटखोरों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि जांच एवं प्रवर्तन की कार्रवाई के दौरान किसी भी व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। भैया दूज पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस एवं परिवहन विभाग को विशेष सतर्कता बरतने, रोडवेज बसों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बसों में ओवरलोडिंग रोकने के निर्देश दिए। अवैध शराब की बिक्री और जहरीली शराब की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग एवं पुलिस को संयुक्त रूप से नियमित प्रवर्तन कार्रवाई करने को कहा गया। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
आगामी निर्वाचन के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने शांति भंग करने वाले और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को चिह्नित कर नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। आदतन अपराधियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट सहित प्रभावी कार्रवाई की जाए। अपर जिलाधिकारियों एवं उप जिलाधिकारियों को न्यायालयों में लंबित निरोधात्मक और गुंडा एक्ट से संबंधित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अभियोजन कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी, गैर-जमानती वारंटों की शत-प्रतिशत तामीला तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया। पॉक्सो एक्ट के मामलों में प्रभावी पैरवी करने और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित लंबित राजस्व वादों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अभियुक्तों को सजा नहीं मिल पा रही है अथवा वे दोषमुक्त हो रहे हैं, उनके कारणों का विश्लेषण कर अभियोजन की कमियों को दूर किया जाए। न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले रिवीजन एवं अन्य प्रकरणों का संबंधित अधिकारी गंभीरता से परीक्षण करें। बैठक में एनसीओआरडी एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नशा मुक्ति के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसकी शुरुआत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से की जाए। शिक्षा, समाज कल्याण सहित अन्य संबंधित विभाग इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों और इस क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं की सूची उपलब्ध कराने को भी कहा, ताकि नशे के विरुद्ध समन्वित प्रयास किए जा सकें।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता रखी जाएगी तथा बाजारों में खरीदारी के दौरान महिलाओं एवं आम नागरिकों की सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी पुलिस व्यवस्था रहेगी। उन्होंने व्यापारियों एवं नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए पुलिस टीमों को विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने को कहा। सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों एवं रेलवे स्टेशन के आसपास नागरिकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा दीपावली तक रैन बसेरों एवं जरूरतमंदों की सहायता संबंधी व्यवस्थाएं निरंतर बनाए रखने की बात भी कही। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी पीएन यादव, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रकाश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाह, समस्त उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, अभियोजन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










