सादाबाद 19 जून । ई-रजिस्ट्री व्यवस्था और उप निबंधक कार्यालयों के कार्यों के निजीकरण के विरोध में स्टाम्प विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी है। इस हड़ताल के कारण सादाबाद उप निबंधक कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। इससे उन छात्रों, बेरोजगार युवाओं और आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जिन्हें सरकारी और अर्धसरकारी संस्थानों में आवेदन के लिए शपथ पत्र व अन्य दस्तावेज तैयार कराने हैं।
हड़ताल के चलते उप निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री सहित अन्य आवश्यक कार्य नहीं हो पा रहे हैं। दूरदराज से आने वाले लोग दिनभर कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी के आवेदन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए शपथ पत्र बनवाने पहुंचे छात्र एवं अभ्यर्थी भी बिना काम हुए लौट रहे हैं। धरना दे रहे स्टाम्प विक्रेताओं और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-रजिस्ट्री व्यवस्था और निबंधन प्रक्रिया के निजीकरण से उनके रोजगार पर सीधा संकट आ गया है। उनका आरोप है कि सरकार उप निबंधक कार्यालयों के कई कार्य निजी कंपनियों अथवा अधिकृत कलेक्शन सेंटरों को सौंपने की तैयारी कर रही है, जिससे वर्षों से इस पेशे से जुड़े हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। हड़ताली कर्मचारियों ने यह भी बताया कि नई डिजिटल व्यवस्था और ई-पेमेंट प्रणाली लागू होने से स्टाम्प विक्रेताओं के कमीशन में कमी आई है, जिससे उनकी आय प्रभावित हुई है। दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं का कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पारंपरिक दस्तावेज लेखकों का कार्य लगभग समाप्त हो जाएगा। इन्हीं मांगों को लेकर सादाबाद उप निबंधक कार्यालय परिसर में दस्तावेज लेखक और स्टाम्प विक्रेता धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन में दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राजकुमार दीक्षित, संजय, मानू जायसवाल, टीवी सिंह, श्यामसुंदर गिरी, वरुण जायसवाल, मुकेश शर्मा तपन जोहर दीपक कमार दिनेश बघेल देवेंद कमार, शैलेन्द्र नगाइच, सुरेश कुशवाह आदि मौजूद रहे।
























