
हाथरस 16 अगस्त।श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। इस बार सोमवार के दिन नाग पंचमी पड़ने से विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन भगवान शिव की पूजा और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है। पूजा के लिए शुभ समय सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है। दाम्पत्य जीवन में मधुरता के लिए गुलाबजल, वंशवृद्धि की कामना के लिए दूध तथा लक्ष्मी वृद्धि के लिए गन्ने के रस से अभिषेक करने की मान्यता है। वहीं शत्रुओं पर विजय की कामना के लिए सरसों के तेल से अभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है। कालसर्प योग से पीड़ित लोगों के लिए भी नाग पंचमी के दिन रुद्राभिषेक एवं नाग पूजन को महत्वपूर्ण माना गया है। इस अवसर पर नाग देवता का दूध और चावल से पूजन करने तथा जरूरतमंद लोगों को यथाशक्ति अन्न, मिष्ठान आदि का दान करने की परंपरा भी है। यह जानकारी पंडित सुरेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने दी। वहीँ श्री सिद्ध गोपाल सेवा ट्रस्ट समिति द्वारा आयोजित भव्य स्वतंत्रता दिवस महोत्सव के अवसर पर श्री हरि सत्संग भवन, गौशाला मार्ग पर मिष्ठान वितरण किया गया। श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों ने धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन में सहभागिता करते हुए प्रसाद ग्रहण किया।]











