
हाथरस 16 जुलाई। जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत फास्ट-फूड में प्रयुक्त होने वाले मोनोसोडियम ग्लूटामेट (अजीनो मोटो/एमएसजी), कृत्रिम खाद्य रंग तथा मीट प्रतिष्ठानों की जांच की गई। 14 जुलाई को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मधुगढ़ी एवं आगरा रोड स्थित हेल्थ जूस एंड शेक्स, आरिफ चिकन शॉप, अशफाक की दुकान, नवी हसन मटन शॉप तथा शैकू मीट शॉप का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क किनारे फास्ट-फूड बेचने वाले स्ट्रीट वेंडरों को भी अजीनो मोटो और प्रतिबंधित खाद्य रंगों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हुए इनके प्रयोग से बचने की सलाह दी गई। वहीं 15 जुलाई को अंतरजनपदीय टीम ने दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के उद्देश्य से विभिन्न डेयरियों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान सादाबादिया डेरी, नयागंज से पनीर का एक नमूना, एल्फा डेरी, सलेमपुर इंडस्ट्रियल एरिया से घी के चार तथा स्किम्ड मिल्क पाउडर के दो नमूने, महान डेरी, सलेमपुर इंडस्ट्रियल एरिया से घी के दो और स्किम्ड मिल्क पाउडर के चार नमूने लिए गए। इसके अलावा राधिका डेरी, सादाबाद से दूध का एक नमूना, जय अंबे डेरी, बिजाहरी (सासनी) से दूध और पनीर का एक-एक नमूना तथा दीक्षित डेरी, बिजाहरी (सासनी) से दूध के दो एवं पनीर का एक नमूना संग्रहित किया गया। इस प्रकार कुल 18 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि सभी नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट अथवा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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