मथुरा 30 सितम्बर। किसी अनजान व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए अपना रक्त देना मानवता की ऐसी सेवा है, जिसका मूल्य शब्दों में नहीं आंका जा सकता। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा-शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के पैथोलॉजी विभाग द्वारा बुधवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चिकित्सकों और संस्थान के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर समाज को सेवा और संवेदना का सार्थक संदेश दिया। “सेवा मेरा योगदान” की भावना से आयोजित इस शिविर में रक्तदान करने वाले लोगों ने यह साबित किया कि समाज की वास्तविक सेवा केवल आर्थिक सहयोग से नहीं, बल्कि जरूरत के समय अपने समय, श्रम और जीवनदायी रक्त का योगदान देकर भी की जा सकती है। एक रक्तदाता का योगदान किसी जरूरतमंद मरीज और उसके परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्तदान मानव सेवा का अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम है। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान जरूरतमंद मरीज के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से रक्तदान के प्रति जागरूक होने और इस पुनीत कार्य में आगे आने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी डॉ. प्रणीता जसवंत सिंह ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसव, ऑपरेशन तथा विभिन्न चिकित्सकीय परिस्थितियों में मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में रक्तदाता का योगदान किसी परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने रक्तदान को लेकर समाज में फैली अनावश्यक भ्रांतियों को दूर करने तथा स्वस्थ लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। रक्तदान शिविर का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की अपनी भूमिका है। जब कोई व्यक्ति अपना रक्त किसी जरूरतमंद के लिए देता है तो वह केवल रक्त नहीं देता, बल्कि किसी परिवार की उम्मीद, किसी मरीज का उपचार और किसी जीवन की संभावना मजबूत करता है। केडी हॉस्पिटल का यह आयोजन चिकित्सा सेवा को मानवीय संवेदना से जोड़ने वाली पहल के रूप में सामने आया। “मानवता की एक बूंद, किसी की जिंदगी का सहारा”- इस संदेश के साथ रक्तदान करने वाले सभी लोगों ने सेवा को अपने जीवन का सार्थक योगदान बनाने की प्रेरणा दी। रक्तदान शिविर में डॉ. संगीता सिंह, डॉ. सोनम बिलावरिया, डॉ. शुभम सोलंकी, एच.एस. शेखावत, अखिलेश शुक्ला, वीरेश कुमार, विजय सिंह, पंकज जोशी, अजय शर्मा, सुषमा देवी आदि ने सहयोग किया। रक्तदाताओं का उत्साह इस बात का प्रमाण रहा कि चिकित्सा संस्थान मरीजों के उपचार के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी अपनी जिम्मेदारी मानता है।










