
हाथरस 23 अक्टूबर। युवा उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र वार्ष्णेय ने शहर में रात 11 बजे तक नो एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग पर सवाल उठाते हुए व्यापारियों की समस्याओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को दिनभर कारोबार करने के बाद रात में माल उतरवाने के लिए मजदूरों की व्यवस्था भी करनी पड़ती है। ऐसे में रात 11 बजे तक नो एंट्री लागू होने से व्यापारियों के सामने व्यावहारिक समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। सुरेन्द्र वार्ष्णेय ने सवाल किया कि यदि रात 11 बजे के बाद माल उतारने की व्यवस्था करनी होगी, तो मजदूर कहां से आएंगे? व्यापारियों को अपने कारोबार के साथ-साथ रात में माल उतरवाने की चिंता में भी लगे रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास होने चाहिए, लेकिन व्यापारियों की समस्याओं और उनकी व्यावहारिक जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे व्यापारियों के हितों के विरुद्ध किए जा रहे प्रयासों का विरोध करें। व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यापारियों से अपनी दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील करती है, ताकि किसी घटना के होने पर पुलिस को फुटेज उपलब्ध कराई जा सके। व्यापारी पुलिस को फुटेज उपलब्ध भी कराते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर के मामले में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद आरोप है कि मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। उन्होंने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
व्यापारी नेता सुरेन्द्र वार्ष्णेय ने चक्की बाजार में संजय जैन की पत्नी के साथ हुई कथित ठगी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके अनुसार, इस मामले में अब तक न तो गिरफ्तारी हुई है और न ही माल बरामद किया गया है। उन्होंने बिछुआ गली में गामा मसाले वालों के यहां हुई चोरी, इसी गली में एक सरकारी कर्मचारी के साथ सोने के नाम पर कथित लूट और एक युवती की चेन दिनदहाड़े तोड़कर ले जाने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में अब तक खुलासा नहीं होने से व्यापारियों और आम नागरिकों में चिंता बनी हुई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बेनीगंज में एक महिला की ओर से कुछ कथित भूमाफियाओं के खिलाफ दुकान में तोड़फोड़ करने के संबंध में दर्ज कराई गई एफआईआर का उल्लेख करते हुए प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता बताई। सुरेन्द्र वार्ष्णेय ने कहा कि पुलिस कप्तान अच्छे व्यक्ति हैं, लेकिन उनके अधीन कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और दर्ज शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि लोगों का पुलिस प्रशासन पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था मजबूत करने और आम नागरिकों को न्याय दिलाने की है। ऐसे में हाथरस में भी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण और आपराधिक मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। सुरेन्द्र वार्ष्णेय ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि व्यापारियों से संबंधित लंबित मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाए तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और कारोबार से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।










