
हाथरस 17 अगस्त। सर्राफा कमेटी हाथरस की त्रैमासिक बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन मेंण्डू गेट स्थित गोपाल धाम में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल ने की, जबकि संचालन शैलेंद्र वार्ष्णेय ने किया। बैठक में कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा करने के साथ ही सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली दो विभूतियों का सम्मान किया। समारोह में विशेष रूप से श्री रामअधार सिंघल एवं शैलेन्द्र वार्ष्णेय का स्वागत एवं सम्मान किया गया। श्री रामअधार सिंघल ने अपने हाथों से लिखित रूप में अनेक वेद-पुराण एवं धार्मिक ग्रंथों को लिपिबद्ध कर सनातन धार्मिक संस्कृति को संजोने और मजबूत करने का अनोखा कार्य किया है। वहीं, शैलेन्द्र वार्ष्णेय ने डाक टिकटों एवं प्राचीन सिक्कों का संग्रह कर भारतीय संस्कृति, सभ्यता और इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहरों को सहेजने का कार्य किया है, ताकि नई पीढ़ी भी देश की समृद्ध विरासत से परिचित हो सके।
दोनों विभूतियों के सम्मान के अवसर पर सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रावेन्द्र वार्ष्णेय एवं महामंत्री सौरभ अग्रवाल सहित कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। कमेटी की ओर से दोनों वरिष्ठजनों का सम्मान कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सम्मान पाकर दोनों वरिष्ठजन भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने सर्राफा कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जिस प्रकार कमेटी ने उन्हें सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ाया है, उसी प्रकार सभी सदस्य हमेशा खुश रहें, निरंतर तरक्की करें और उनका यश एवं वैभव बढ़ता रहे। वरिष्ठजनों के आशीर्वाद से समारोह का माहौल भावुक एवं आत्मीय हो गया। कार्यक्रम में उपस्थित सर्राफा कमेटी के सदस्यों ने कहा कि समाज की ऐसी विभूतियों का सम्मान करना गौरव की बात है, जिन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को भारतीय संस्कृति, धर्म, इतिहास और विरासत को सहेजने में समर्पित किया है।









