
हाथरस 23 जुलाई । जनपद के विकास खण्ड सासनी की ग्राम पंचायत विलखौरा कलाँ निवासी नूरवानो पत्नी अल्लाराजी खाँ के लिए कभी पक्के घर का सपना केवल एक कल्पना था। आर्थिक तंगी के कारण पति-पत्नी दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनका कच्चा मकान बरसात के दिनों में टपकता था, जिससे हर मौसम उनके लिए चिंता और असुरक्षा का कारण बन जाता था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता के आधार पर नूरवानो का चयन हुआ। योजना के अंतर्गत उन्हें तीन किश्तों में कुल 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे उन्होंने अपना वर्षों पुराना पक्के मकान का सपना पूरा कर लिया। आवास निर्माण के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत उन्हें 90 मानव दिवस का रोजगार भी मिला, जिसके बदले 21,330 रुपये की मजदूरी प्राप्त हुई। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की सहायता से उनके घर में शौचालय का निर्माण कराया गया, जिससे परिवार को खुले में शौच की मजबूरी से मुक्ति मिली और स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा।
आज नूरवानो का परिवार अपने सुरक्षित, मजबूत और पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है। पहले जहां बरसात का मौसम चिंता लेकर आता था, वहीं अब परिवार निश्चिंत होकर अपने आशियाने में रह रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ से उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा परिवार में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। नूरवानो का कहना है कि इस योजना ने उन्हें केवल पक्का मकान ही नहीं दिया, बल्कि उनके परिवार को सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का भरोसा भी प्रदान किया है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। नूरवानो की सफलता की यह कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का अवसर प्रदान कर रही है।









