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मथुरा 23 अक्टूबर। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और युवाओं को सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, मथुरा में ‘राइड वाइज, स्टे सेफ’ रोड सेफ्टी बूटकैम्प का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के तीन सौ विद्यार्थियों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए तथा उन्हें सड़क सुरक्षा के नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति जागरूक किया गया। त्रिगुणा- द साइंस ऑफ लिविंग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में आवास फाइनेंशियर्स लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के अंतर्गत सहयोग प्रदान किया। बूटकैम्प में विद्यार्थियों को बताया गया कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी भी है। विशेषज्ञों ने सुरक्षित ड्राइविंग, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं के साथ वाहन चालकों के व्यवहार और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया। संवादात्मक सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया गया कि वाहन चलाते समय की गई छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सड़क पर चलते समय अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी आवश्यक है। बूटकैम्प का प्रमुख आकर्षण तीन सौ विद्यार्थियों को निःशुल्क हेलमेट वितरण रहा। त्रिगुणा की टीम की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करना और उनमें सुरक्षित दोपहिया वाहन संचालन की आदत विकसित करना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए जागरूकता के साथ सुरक्षा संबंधी नियमों को व्यवहार में अपनाना भी जरूरी है।

राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार वाहन चालक बनने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं। संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक से जुड़ा महत्वपूर्ण सामाजिक विषय है। शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान देने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में सही निर्णय लेने तथा अपनी और दूसरों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी कार्यक्रम में प्राप्त जानकारी को अपने दैनिक जीवन में अपनाएंगे और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे।

राजीव एकेडमी की ओर से कार्यक्रम के सफल आयोजन में त्रिगुणा – द साइंस ऑफ लिविंग की टीम के योगदान, समन्वय और समर्पण की सराहना की गई। संस्थान ने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी इस पहल के लिए सहयोगी टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सुरक्षित यात्रा की शुरुआत जिम्मेदार व्यवहार से होती है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और यातायात नियमों का पालन करना न केवल स्वयं की, बल्कि दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए भी जरूरी है।

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