
हाथरस 28 सितम्बर। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने प्रातः 8:30 बजे बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचकर चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति, साफ-सफाई तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीएम ने सबसे पहले अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और उत्तर प्रदेश सैनिक कल्याण निगम के माध्यम से तैनात सुरक्षाकर्मियों से उनकी ड्यूटी एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद पर्चा काउंटर का निरीक्षण कर प्रतिदिन बनने वाले पर्चों की संख्या के बारे में जानकारी ली, जिस पर कर्मचारियों ने बताया कि प्रतिदिन करीब 1100 से 1200 पर्चे बनाए जाते हैं। डीएम ने मरीजों के लिए घर बैठे ऑनलाइन पर्चा बनवाने और चिकित्सक से अपॉइंटमेंट लेने की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आभा आईडी जनरेट करने के बाद ऑनलाइन पर्चे के लिए आवेदन किया जा सकता है। इस पर जिलाधिकारी ने मरीजों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पर्चा आवेदन की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को अस्पताल में लंबी कतारों में लगने से राहत मिल सके। डीएम ने बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष, दंत विभाग, वरिष्ठ परामर्शदाता कक्ष, हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष, जनरल फिजिशियन कक्ष, आयुष्मान भारत कक्ष, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी एवं सिटी स्कैन कक्ष के साथ महिला अस्पताल की सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट और जनरल वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों से प्रतिदिन ओपीडी में देखे जाने वाले मरीजों की संख्या की जानकारी लेने के साथ ओपीडी पंजिका का अवलोकन किया और अल्ट्रासाउंड जांच की लंबित पेंडेंसी को शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को ई-सुश्रुत प्रक्रिया को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे मरीजों के ऑनलाइन पंजीकरण, अपॉइंटमेंट और मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज होने के साथ तत्काल उपलब्ध हो सकेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनेंगी। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं एवं चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की जानकारी ली। आयुष्मान भारत कक्ष में उन्होंने नई पात्रता के आधार पर पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के लिए सूची तैयार करने तथा पूर्व सूची में दर्ज ऐसे लोगों, जिनके कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके कार्ड तत्काल बनवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को उपचार का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा वॉशरूम सहित सभी स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने दोहराया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक पुरुष एवं महिला चिकित्सालय सहित संबंधित चिकित्सक एवं अधिकारी मौजूद रहे।






