
हाथरस 16 जुलाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव अनु चौधरी की अध्यक्षता में संचालित मध्यस्थता अभियान-2.0 के अंतर्गत एक वैवाहिक विवाद का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी एवं मध्यस्थ अधिवक्ता जालिम सिंह के अथक प्रयासों से रेनू बनाम मनोज के वैवाहिक मामले में दोनों पक्षकारों के बीच आपसी सुलह-समझौता कराया गया। मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता एवं धैर्यपूर्वक सुना गया। उन्हें आपसी संवाद के लिए प्रेरित करते हुए विश्वास और सहयोग की भावना के साथ समझौते तक पहुंचाया गया। कुशल मध्यस्थता के परिणामस्वरूप लंबे समय से चले आ रहे वैवाहिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सका। इस अवसर पर सचिव अनु चौधरी ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के निस्तारण का सबसे प्रभावी एवं सहज माध्यम है। यह प्रक्रिया न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास है कि अधिक से अधिक वादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराया जाए, जिससे आमजन को शीघ्र एवं सुलभ न्याय मिल सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि आपसी विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता का सहारा लें, ताकि न्यायिक प्रक्रिया को सरल, त्वरित और सौहार्दपूर्ण बनाया जा सके।











