
हाथरस 11 अगस्त। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा नहीं मिलने के कारण हर महीने 700 से अधिक मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों, सर्जन, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं की कमी के चलते हादसों में घायल और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें बुखार, पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी और अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों के साथ-साथ सड़क हादसों में घायल और गंभीर हालत वाले मरीज भी शामिल होते हैं। सामान्य बीमारी वाले मरीजों का उपचार इमरजेंसी में ही कर दिया जाता है, लेकिन गंभीर मरीजों के उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी आड़े आती है। ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकों द्वारा हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ चिकित्सक और सर्जन उपलब्ध नहीं होने के साथ ही गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। इसके चलते गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में परेशानी होती है। हर महीने बड़ी संख्या में मरीजों के रेफर होने से उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीजों को उपचार के लिए अलीगढ़ सहित अन्य शहरों के अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। इससे परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है। गंभीर मरीजों के उपचार की सुविधा जिला अस्पताल में ही उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और उन्हें दूसरे शहरों की ओर रेफर न होना पड़े।






