
हाथरस 09 अगस्त। सावन के दूसरे सोमवार को सोम प्रदोष का विशेष संयोग बनने से कांवड़ियों और शिवभक्तों में उत्साह दोगुना नजर आ रहा है। हरिद्वार, राजघाट और कछला से गंगाजल लेकर कांवड़ियों की टोलियां आगरा-बरेली मार्ग से अपने-अपने गंतव्य की ओर लगातार बढ़ रही हैं। कंधों पर सजी रंग-बिरंगी कांवड़ और जुबां पर बम-बम भोले व हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा कांवड़ मार्ग शिवमय बना हुआ है। कांवड़ यात्रा में हर आयु वर्ग के श्रद्धालु शामिल हैं। कोई परिवार की सुख-समृद्धि तो कोई बीमारी से मुक्ति की कामना लेकर कांवड़ उठा रहा है, जबकि कई श्रद्धालु संतान सुख की मनोकामना के साथ भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। कांवड़ियों के जत्थों के साथ बज रहे भक्ति गीत और लगातार लग रहे जयकारे वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं। आगरा-बरेली मार्ग पर जगह-जगह स्थानीय लोगों की ओर से कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां पानी, शरबत और फल आदि उपलब्ध कराकर शिवभक्तों की सेवा की जा रही है। पंडित सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार के दिन सोम प्रदोष का संयोग विशेष धार्मिक महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष दिन है, जबकि प्रदोष व्रत भी भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में दोनों का संयोग शिवभक्तों के लिए आस्था और पूजा का विशेष अवसर माना जा रहा है।











