सिकन्दराराऊ (हसायन) 01 सितम्बर। हसायन कस्बे के नगला रति मार्ग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मंगलवार को विद्युत आपूर्ति बाधित होने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को अस्पताल में एचआरपी डे होने के कारण बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंची थीं। इसी दौरान बिजली आपूर्ति ठप होने से अस्पताल के कुछ हिस्सों में अंधेरा छा गया और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। सीएचसी के लैब वार्ड और दवा वितरण केंद्र की ओर बिजली नहीं होने से चिकित्सकों, कर्मचारियों और मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं एक्स-रे कराने पहुंचे कुछ मरीजों को बिजली न होने के कारण बिना जांच कराए ही वापस लौटना पड़ा। गांव बदनपुर निवासी मुन्नी देवी ने बताया कि वह अपने हाथ का एक्स-रे कराने के लिए लगातार दो दिन से सीएचसी आ रही हैं। डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी थी, लेकिन बिजली नहीं आने के कारण उनकी जांच नहीं हो सकी। वहीं मरीज कमलेश देवी ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने पर्चे पर दवा लिखने के बाद उन्हें बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि जन औषधि केंद्र पर भी दवा उपलब्ध नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें बाहर से दवा लेने की बात कही गई। हालांकि, अस्पताल में मौजूद एक चिकित्सक से पर्चे पर लिखी दवा के संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने संबंधित दवा सीएचसी में उपलब्ध होने की बात कही। इससे दवा वितरण व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए।
बिजली व्यवस्था पर चिकित्सा प्रभारी ने दी सफाई
मामले को लेकर सीएचसी हसायन के चिकित्सा प्रभारी डॉ. वरुण चौधरी से जानकारी की गई। उन्होंने बताया कि बिजली की समस्या किसी उपकरण के फुंक जाने के कारण हुई थी, जिसे ठीक कराया जा रहा है। बिजलीकर्मी के आने के बाद व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पूरी तरह बिजली आपूर्ति बंद रहने जैसी कोई स्थिति नहीं है। जनरेटर नहीं चलाए जाने के सवाल पर चिकित्सा प्रभारी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जनरेटर चलाया जाएगा, उसे पूरे दिन चलाने की आवश्यकता नहीं है। वहीं मरीजों को बाहर से दवा लेने के लिए कहे जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि सीएचसी में बाहर की दवा लिखने की बात सही नहीं है। संभव है कि मरीज को जन औषधि केंद्र से दवा लेने के लिए कहा गया हो। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को इस संबंध में शिकायत है तो उसे उनके पास लाया जाए, ताकि मामले की जानकारी की जा सके।
वैकल्पिक व्यवस्था पर उठे सवाल
सीएचसी में बिजली आपूर्ति बाधित होने से मरीजों को हुई परेशानी ने अस्पताल की वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर एचआरपी डे के दौरान जब बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं, उस समय बिजली की समस्या से जांच एवं अन्य सेवाएं प्रभावित होना चिंता का विषय है। वहीं एक्स-रे जैसी जरूरी जांच के लिए मरीजों को वापस लौटना पड़ा। ऐसे में सवाल है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मरीजों की जांच, एक्स-रे, लैब और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए अस्पताल की वैकल्पिक व्यवस्था कितनी प्रभावी है। साथ ही यदि अस्पताल में दवा उपलब्ध है तो मरीजों को बाहर से दवा लेने की सलाह दिए जाने के आरोप की भी जांच की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लेकर व्यवस्थाओं की जांच और स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है।











