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सिकन्दराराऊ (हसायन) 09 अक्टूबर। विकासखंड क्षेत्र में शुक्रवार को दोपहर करीब तीन बजे अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा के साथ हुई झिमाझिम बारिश ने खेतों में खड़ी और कटकर पड़ी धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहा, तो धान की फसल को काफी नुकसान हो सकता है। वर्तमान में खरीफ सीजन की प्रमुख फसल धान पककर तैयार खड़ी है।क्षेत्र के अधिकांश गांवों में किसान मजदूरों और हार्वेस्टर कंबाइन मशीनों की मदद से धान की कटाई और निकासी में जुटे हुए हैं।कई खेतों में धान की फसल कटकर पड़ी हुई है। ऐसे में अचानक मौसम परिवर्तन और बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।क्षेत्र के कई गांवों में धान की फसल प्रभावित होने की आशंका दिखाई दी।गांव नगला आल, नगला दली, हैथा रघुनाथपुर, रसूलपुर, बाण अब्दुलहईपुर सहित आसपास के कई गांवों में कहीं धान की फसल पककर खड़ी है।तो कहीं कटाई का कार्य चल रहा है। कुछ खेतों में कटी हुई धान की फसल पड़ी होने से किसान मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए हुए हैं।किसान संजय कुमार,योगेश, राजवीर, जगेंद्र, हरिओम और गौरव आदि ने बताया कि इस समय धान की फसल काफी मात्रा में पककर तैयार है। मजदूरों और हार्वेस्टर कंबाइन मशीनों के माध्यम से कटाई की जा रही है। अचानक तेज हवा और हल्की बारिश शुरू होने से कटाई का काम प्रभावित होने की आशंका है। यदि बारिश तेज हुई या लगातार जारी रही, तो खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, खेतों में खड़ी पकी फसल भी प्रभावित होने का खतरा है।किसानों ने बताया कि आगामी रबी सीजन की प्रमुख फसल सरसों की बुवाई की तैयारी भी कई स्थानों पर चल रही है, जबकि कुछ खेतों में बुवाई का कार्य शुरू हो चुका है।ऐसे में मौसम में अचानक आए बदलाव से धान की कटाई के साथ-साथ आगामी फसलों की तैयारी भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।फिलहाल क्षेत्र के किसान आसमान की ओर नजरें लगाए हुए हैं और मौसम साफ होने की उम्मीद कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मौसम नहीं खुला और बारिश बढ़ी, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है तथा आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

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