
हाथरस 24 अगस्त । शहर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी और डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ATUL VAST ने नगर पालिका सभागार में संबंधित अधिकारियों एवं नगर पालिका कर्मचारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। लगातार हुई बारिश को देखते हुए शहर में साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने नगर पालिका के स्थायी एवं आउटसोर्सिंग के सभी सफाई कर्मचारियों को निर्धारित समय पर अपने कार्यस्थल पर पहुंचकर नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की उपस्थिति, समयबद्धता और कार्य की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। शहर के 35 वार्डों में 35 कार्मिकों को प्रथम स्तर के रिस्पॉन्डर के रूप में तैनात किया गया है। ये कार्मिक यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित सफाई कर्मचारी समय पर उपस्थित होकर आईडी कार्ड के साथ कार्य करें, अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और निर्धारित दायित्वों का समुचित निर्वहन करें। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को भी मौके पर भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की होगी जांच
डीएम ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान व्यवस्था की भी प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीमों के माध्यम से यह सत्यापन कराया जाए कि प्रत्येक घर से निर्धारित समय पर कूड़ा एकत्र किया जा रहा है या नहीं। निरीक्षण एवं जांच के बाद निर्धारित प्रारूप पर नियमित रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी संबंधित कर्मचारियों को दिए गए।
खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश
बैठक में शहर की प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान स्ट्रीट लाइट खराब होने, अंधेरा रहने अथवा किसी स्थान पर प्रकाश व्यवस्था की आवश्यकता से संबंधित शिकायतें लगातार प्राप्त होती हैं। ऐसी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए खराब लाइटों को ठीक कराया जाए और जहां आवश्यकता हो वहां प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। डीएम ने नगर पालिका क्षेत्र में स्थापित सभी स्ट्रीट लाइटों का री-सर्वे कराकर प्रत्येक लाइट को यूनिक नंबर दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूनिक नंबर होने से किसी लाइट के खराब होने की शिकायत दर्ज कराते समय संबंधित नंबर बताया जा सकेगा, जिससे शिकायत के शीघ्र निस्तारण में सुविधा होगी।
जलभराव की संभावित जगहों को किया जाएगा चिन्हित
जिलाधिकारी ने शहर की जल निकासी एवं नालियों की भी समीक्षा की। उन्होंने ड्रेनेज प्लान के अनुसार नालियों और उनके निकास बिंदुओं का सर्वे कराने तथा ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जहां भविष्य में जलभराव की संभावना हो सकती है। उन्होंने कहा कि संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की पहले से पहचान होने पर आगामी समय के लिए जल निकासी की बेहतर प्लानिंग की जा सकेगी।
कागजी रिपोर्ट नहीं, मौके पर पहुंचकर करें सत्यापन
डीएम अतुल वत्स ने सभी मॉनिटरिंग अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे केवल कागजी रिपोर्ट तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का वास्तविक सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि सफाई, कूड़ा उठान, प्रकाश एवं जल निकासी से संबंधित कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में अधिकारियों एवं नगर पालिका कर्मचारियों को आगामी निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, नगर पालिका के वार्डवार मॉनिटरिंग के लिए नामित नोडल अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक मौजूद रहे।













