
हाथरस 08 मई । शहर के सरस्वती महाविद्यालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां एक सांप दिखाई देने की सूचना मिली। सांप को देख छात्र-छात्राओं में घबराहट फैल गई, लेकिन कॉलेज के जूलॉजी डिपार्टमेंट (प्राणी विज्ञान विभाग) के विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. राकेश बाबू ने अपनी विशेषज्ञता और साहस का परिचय देते हुए स्थिति को सफलतापूर्वक संभाल लिया। सांप निकलने की खबर मिलते ही डॉ. राकेश बाबू तुरंत मौके पर पहुँचे। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने बिना किसी देरी के सांप का रेस्क्यू शुरू किया। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने बेहद संयम के साथ सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ा और बिना उसे कोई नुकसान पहुँचाए कॉलेज परिसर से दूर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया। डॉ. राकेश बाबू की इस बहादुरी को देख कॉलेज स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने उनकी जमकर प्रशंसा की।
रेस्क्यू के उपरांत डॉ. राकेश बाबू ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य केवल मानव सुरक्षा ही नहीं, बल्कि प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखना भी है। उन्होंने बताया कि सांप पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और खेतों में हानिकारक जीवों को नियंत्रित कर संतुलन बनाए रखते हैं। डर के कारण किसी जीव को मारना समाधान नहीं है, इसके लिए जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण आवश्यक है। किसी भी आपात स्थिति में घबराहट के बजाय अनुशासन और सही समय पर सूचना देना ही सबसे बड़ा सुरक्षा उपाय है। कॉलेज प्रशासन ने इस घटना पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान अपने छात्रों की सुरक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। आज की इस घटना ने छात्रों को यह संदेश दिया है कि सच्ची शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह हमें साहस, संवेदनशीलता और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी सिखाती है।























