
हाथरस 08 मई । निराश्रित और बेसहारा गौवंश के बेहतर भरण-पोषण और संरक्षण के लिए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गौवंश संरक्षण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपद की सभी संचालित गौशालाओं में शत-प्रतिशत केयर टेकर की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केयर टेकर की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगाई जाए और उनका मानदेय समय पर भुगतान किया जाए ताकि गौवंश की देखभाल में कोई बाधा न आए। बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने पशुओं के लिए छाया, शेड, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि गौवंश के लिए हरा चारा, भूसा और पानी की उपलब्धता निरंतर बनी रहे। बीमार और कमजोर गौवंश के उपचार के लिए पशु चिकित्सक नियमित रूप से निरीक्षण करें और आवश्यक औषधियों का स्टॉक हमेशा उपलब्ध रहे। गौ-आश्रय स्थलों पर गोबर प्रबंधन, स्वच्छता और जल निकासी की समुचित व्यवस्था हो। डीएम ने तहसील और ब्लॉक स्तर पर गठित समितियों को नियमित बैठकें करने और उनकी कार्यवाही का कार्यवृत्त (Minutes) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गौ-आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण करें और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जनपद की गौशालाओं में संरक्षित गौवंश की वर्तमान स्थिति और अब तक की व्यवस्थाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO), जिला विकास अधिकारी (DDO), समस्त उप जिलाधिकारी (SDM), खण्ड विकास अधिकारी (BDO) और नामित नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।























