
मथुरा 25 अप्रैल । के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हास्पिटल में राष्ट्रीय मुख चिकित्सा एवं रेडियोलॉजी दिवस के उपलक्ष्य में विविध कार्यक्रम आयोजित हुए। अतिथि वक्ता डॉ. शिल्पी शर्मा ने “मुख गुहा के पूर्व-घातक विकार” तथा डॉ. निमिता राघव ने “मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजी में सीबीसीटी द्वारा सटीक इमेजिंग का अनावरण” विषय पर अपने-अपने विचार साझा किए। अतिथि वक्ताओं का स्वागत के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हास्पिटल की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर ने किया। प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर ने छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय मुख चिकित्सा एवं रेडियोलॉजी दिवस की जानकारी देते हुए कहा कि इस दिन का उद्देश्य ओरल मेडिसिन, डायग्नोसिस, मैक्सिलोफेशियल रेडियोलॉजी और इमेजिंग विज्ञान की शिक्षा और अभ्यास के मानकों को ऊंचा उठाना है। के.डी. विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल, कुलपति डॉ. मनेश लाहौरी ने कार्यक्रम की प्रशंसा की।डॉ. शिल्पी शर्मा, एसोसिएट डायरेक्टर और यूनिट हेड, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, द्वारका, नई दिल्ली ने छात्र-छात्राओं को मुख गुहा के पूर्व-घातक विकारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख गुहा के पूर्व-घातक विकार वे घाव हैं, जो कैंसर में बदलने की क्षमता रखते हैं। इन विकारों की पहचान और समय पर इलाज से मुंह के कैंसर को रोका जा सकता है। उन्होंने प्राध्यापकों तथा छात्र-छात्राओं को मुख गुहा के पूर्व-घातक विकार ल्यूकोप्लाकिया, ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस, एरिथ्रोप्लाकिया तथा ओरल लाइकेन प्लानस आदि पर भी विस्तार से जानकारी दी।
दूसरी अतिथि वक्ता डॉ. निमिता राघव जोकि के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग की प्रोफेसर और इनसाइट डेंटल इमेजिंग सेंटर की प्रबंध निदेशक हैं, ने “मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजी में सीबीसीटी द्वारा सटीक इमेजिंग का अनावरण” विषय पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने के.डी. डेंटल कॉलेज के स्नातक, इंटर्न तथा स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं को बताया कि रेडियोलॉजी चिकित्सा का वह क्षेत्र है जो मानव शरीर को प्रभावित करने वाली स्थितियों की पहचान और उपचार के लिए इमेजिंग तकनीक का उपयोग करता है। अतिथि व्याख्यान के बाद ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग द्वारा प्रश्नोत्तरी और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्नातक छात्र-छात्राओं ने अपना बौद्धिक कौशल दिखाया।ओरल मेडिसिन एण्ड रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. विनय मोहन ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्र-छात्राओं को दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति से अवगत और अपडेट रहने में मदद करते हैं। सीडीई संयोजक डॉ. सिद्धार्थ सिसोदिया के मार्गदर्शन और सीडीई सदस्य डॉ. अनुज गौर के सक्रिय सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ।























