सिकंदराराऊ (हसायन) 23 अप्रैल । जयपुर-मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित जैतपुर के दिव्य योग कला मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन भक्ति की अविरल धारा बही। कथा व्यास आचार्य श्री श्री 108 कलाधर जी महाराज ने योग योगेश्वर महाप्रभु श्री रामलाल जी महाराज के दिव्य जीवन और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। आचार्य कलाधर जी ने बताया कि महाप्रभु रामलाल जी महाराज का प्राकट्य सिद्ध साधना के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हुआ था। उन्होंने उनके हिमालय प्रवास, जयराम भक्त से भेंट और विभिन्न साधकों को शक्तिपात के माध्यम से सिद्ध बनाने की कथा सुनाई। आचार्य ने कहा कि महाप्रभु ने मथुरा को केंद्र बनाकर योग का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया। आचार्य ने प्रभु की बाल लीलाओं, माखन चोरी, पूतना उद्धार और गोवर्धन पूजा के प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। जैसे ही भगवान के जन्म की कथा सुनाई गई, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। भक्तिमय आयोजन में मुख्य रूप से परीक्षत किरन शर्मा, विनय शर्मा, रामेश्वर दयाल शर्मा, नीरज शर्मा, विपिन शर्मा, आरपी शर्मा, राजकुमार शर्मा, सत्यपाल सिंह, सेवानिवृत्त नेत्र परीक्षण अधिकारी सतेन्द्र सिंह, महीपाल सिंह, ऋषि कुमार, रुद्र प्रताप सिंह और मनोज कुमार जादौन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
























