
हाथरस 18 अप्रैल । जनपद के ग्रामीण अंचलों में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आवागमन को सुगम बनाने के लिए हाथरस रोडवेज डिपो ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिले के विभिन्न ग्रामीण मार्गों पर यातायात सुविधा को बेहतर बनाने के लिए 32 निजी बसों के संचालन को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। हाथरस डिपो की ओर से इन निजी बस संचालकों के आवेदनों को हरी झंडी दिखाते हुए उन्हें निर्धारित रूटों पर बसें चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस नई पहल से उन दूरदराज के इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी, जहाँ अब तक सरकारी या निजी परिवहन के साधन बेहद सीमित थे।
परिवहन निगम ने सेवा की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त गाइडलाइंस भी जारी की हैं। डिपो प्रभारी मंगेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि इन सभी अनुबंधित बसों पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) का आधिकारिक ‘लोगो’ लगाया जाएगा, ताकि यात्री बिना किसी भ्रम के सुरक्षित यात्रा कर सकें। साथ ही, निगम ने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी निजी बस संचालक रोडवेज द्वारा निर्धारित किराए से अधिक वसूली नहीं करेगा; शिकायत मिलने पर संबंधित संचालक के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा नई बसों को संचालन में प्राथमिकता दी जा रही है ताकि यात्रियों को आरामदायक सफर मिल सके। डिपो प्रभारी के अनुसार, इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों की शहर से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों के समय व धन दोनों की बचत होगी।























