
हाथरस 14 अप्रैल । मथुरा-कासगंज रेलखंड के यात्रियों के लिए एक ओर जहां खुशी की खबर आई है, वहीं हाथरस के रेल यात्रियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। रेलवे ने पहली बार पीलीभीत-मैलानी-लखीमपुर मार्ग से होकर गोमतीनगर-बांद्रा टर्मिनल स्पेशल एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया है, लेकिन इस ट्रेन का हाथरस में कोई ठहराव (स्टॉपेज) तय नहीं किया गया है। इस विशेष ट्रेन का संचालन 5 मई तक कुल पांच फेरों के लिए किया जा रहा है। इस मार्ग पर पहली बार पीलीभीत, मैलानी और लखीमपुर को मथुरा-कासगंज रेलखंड से जोड़ा गया है, जिससे तराई क्षेत्र के यात्रियों को महाराष्ट्र और गुजरात की सीधी कनेक्टिविटी मिली है। ट्रेन को मथुरा और कासगंज जैसे प्रमुख स्टेशनों पर तो ठहराव दिया गया है, लेकिन हाथरस जैसे महत्वपूर्ण जंक्शन और व्यावसायिक केंद्र को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
यात्रियों में पनप रहा आक्रोश
हाथरस के यात्रियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रेलवे के इस निर्णय पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि वे लंबे समय से पीलीभीत और लखीमपुर की ओर जाने के लिए सीधी ट्रेन की मांग कर रहे थे। अब जब ट्रेन शुरू हुई है, तो ठहराव न होने के कारण उन्हें इस सेवा का लाभ लेने के लिए कासगंज या मथुरा जाना पड़ रहा है।
क्या कहता है रेलवे प्रशासन?
इस मामले पर पूर्वोत्तर रेलवे, इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक संजीव कुमार शर्मा ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि किसी भी ट्रेन के ठहराव का अंतिम निर्णय रेलवे बोर्ड द्वारा लिया जाता है। यदि रेलवे बोर्ड से इस संबंध में स्वीकृति प्राप्त होती है, तो आगामी फेरों में हाथरस स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव अवश्य सुनिश्चित किया जाएगा। फिलहाल, स्थानीय संगठनों ने रेलवे बोर्ड से मांग की है कि यात्रियों की सुविधा और राजस्व को ध्यान में रखते हुए हाथरस में इस ट्रेन का स्टॉपेज जल्द से जल्द दिया जाए।


























