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हाथरस 24 अप्रैल । आयकर कार्यालय हाथरस में नए आयकर अधिनियम 2025 के प्रावधानों को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में आयकर अधिकारियों ने अधिवक्ताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) के साथ नए कानून की बारीकियों पर संवाद किया और बताया कि आगामी अधिनियम का मुख्य उद्देश्य कर प्रणाली को सरल, आधुनिक और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। बैठक के दौरान आयकर अधिकारी श्री नीतीश वर्मा, आयकर अधिकारी श्रीमती रंजना अग्रवाल और आयकर निरीक्षक प्रशांत गहलोत ने बताया कि नया आयकर अधिनियम 2025, वर्तमान 1961 के अधिनियम के जटिल प्रावधानों को प्रतिस्थापित करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुराने कानून में कई संशोधनों के कारण व्याख्या संबंधी चुनौतियां और मुकदमेबाजी बढ़ती थी, जिसे नए मसौदे में धाराओं के युक्तिकरण और भाषा की स्पष्टता के माध्यम से कम करने का प्रयास किया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि नए अधिनियम में डिजिटल अनुपालन और प्रत्यक्ष मूल्यांकन पर विशेष जोर दिया गया है। कटौतियों और छूटों की समीक्षा कर कर प्रशासन को समकालीन आर्थिक प्रथाओं के अनुरूप बनाया गया है, जिससे ‘व्यापार करने में सुगमता’ (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलेगा। यह परिवर्तन एक जटिल कानून से अधिक सुसंगत और सुलभ कर व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम है।

आयकर विभाग द्वारा बताया गया कि भविष्य में नए अधिनियम के संबंध में समय-समय पर आउटरीच प्रोग्राम, गोष्ठी और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य करदाताओं, व्यापारियों और अधिवक्ताओं को नए प्रावधानों की सटीक जानकारी देना है ताकि वे बिना किसी भ्रम के कर अनुपालन कर सकें। चर्चा में मुख्य रूप से डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बी.के. शर्मा (एडवोकेट), सीए लोकेश वार्ष्णेय, रामकुमार शर्मा (एडवोकेट), भुवनेश वार्ष्णेय (एडवोकेट), दुर्गेश चतुर्वेदी (एडवोकेट), आकाश ठाकुर (एडवोकेट), प्रमोद कुमार आदि उपस्थित रहे।

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