
हाथरस 09 सितम्बर। निराश्रित एवं बेसहारा गौवंश के संरक्षण, भरण-पोषण और गौ आश्रय स्थलों में आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने को लेकर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने जिले में संचालित सभी गौ आश्रय स्थलों को उपलब्ध संसाधनों के अनुसार पूर्ण रूप से संतृप्त करने, तहसील स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने तथा गौशालाओं में गौवंश को चारा दिए जाने के समय सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने तहसीलवार एवं ब्लॉकवार संचालित गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। इस दौरान गौ आश्रय स्थलों पर टीन शेड, भूसा गोदाम, केयरटेकर रूम, सड़क, चरही, धनराशि एवं भूसा की उपलब्धता के साथ ही पौधरोपण की प्रगति की जानकारी ली गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध धनराशि के अनुसार गौ आश्रय स्थलों पर जरूरी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। जिन कार्यों को तत्काल पूरा किया जाना आवश्यक है, उन्हें चिन्हित कर निर्धारित समय में पूर्ण कराया जाए, ताकि गौवंश को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि निरीक्षण अथवा समीक्षा के दौरान कार्यों में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर शासन को भी संबंधित अधिकारी के विरुद्ध पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर जिला अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए तथा बैठक की कार्यवाही एवं कार्यवृत्त उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने गौशालाओं में चारा व्यवस्था की निगरानी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि संरक्षित गौवंश को चारा दिए जाने के समय सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कर स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय पर शुरू कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आवश्यकता के अनुसार गौशालाओं में रॉबिस/मिट्टी डलवाने तथा पूरे परिसर को व्यवस्थित रखने को भी कहा।
सफाई व्यवस्था में भी लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
जिलाधिकारी ने गौ आश्रय स्थलों की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में स्वच्छता एवं अन्य व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए केयरटेकर की शिफ्टवार तैनाती सुनिश्चित करने के साथ ही सफाई व्यवस्था के लिए भी अलग से शिफ्ट निर्धारित की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कमियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए।
गौवंश के स्वास्थ्य पर भी विशेष निगरानी
बैठक में जिलाधिकारी ने पशु चिकित्सा अधिकारियों को गौ आश्रय स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार गौवंश का उपचार और टीकाकरण समय से सुनिश्चित किया जाए। संबंधित उप जिलाधिकारियों को निरीक्षण एवं निरीक्षण के दौरान की गई कार्रवाई से संबंधित फोटो भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सके। बैठक के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की संख्या, उनमें संरक्षित गौवंश की वर्तमान स्थिति, चारा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गौवंश संरक्षण से जुड़े सभी कार्यों को गंभीरता से लिया जाए और गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित प्रत्येक गौवंश के लिए भोजन, स्वच्छता, चिकित्सा एवं सुरक्षित वातावरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा पशु चिकित्सक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।













