हाथरस 08 अक्टूबर। किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक वैज्ञानिक एवं लाभकारी बनाने की दिशा में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की ओर से विशेष पहल की गई है। केवीके के वैज्ञानिक डॉ. बलवीर सिंह, डॉ. आकांक्षा सिंह और डॉ. हरविन्द्र पाल के नेतृत्व में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के किसानों तथा महिला कृषकों के लिए विशेष मुफ्त मिट्टी जांच अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत पात्र किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच नि:शुल्क की जाएगी। वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की है कि मिट्टी का नमूना लेने से पहले वे कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से संपर्क करें, ताकि उन्हें खेत से मिट्टी का सही नमूना लेने, उसे सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से पैक करने की पूरी जानकारी मिल सके। वैज्ञानिकों के अनुसार, सही तरीके से लिया गया मिट्टी का नमूना ही जांच के सटीक परिणाम देने में मदद करता है। किसान वैज्ञानिकों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के बाद अपना मृदा नमूना अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में जमा कर सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह योजना विशेष रूप से एससी और एसटी वर्ग के किसानों के लिए आरक्षित है। साथ ही महिला कृषकों को भी अभियान के तहत लाभ दिया जा रहा है। केवीके की ओर से यह भी बताया गया है कि भविष्य में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित लाभकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उन्हीं किसानों को प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा, जो इस अभियान के अंतर्गत अपनी मिट्टी की जांच कराएंगे। ऐसे में पात्र किसानों से अपील की गई है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए जल्द से जल्द अपने खेत की मिट्टी का नमूना कृषि विज्ञान केंद्र में जमा कराएं और मृदा जांच के माध्यम से अपनी खेती की जरूरतों के अनुसार बेहतर कृषि प्रबंधन एवं आगामी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी की जांच के आधार पर खेत में आवश्यक पोषक तत्वों की स्थिति का पता लगाया जा सकता है, जिससे किसान उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर लागत कम करने और फसल उत्पादन बेहतर करने की दिशा में प्रभावी कदम उठा सकते हैं।









