
हाथरस 20 सितम्बर। ब्रज के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक राजकीय लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के 115वें महोत्सव में आयोजित अखिल भारतीय विराट कुश्ती दंगल में तीसरे दिन करीब 125 से अधिक छोटी-बड़ी कुश्तियां लड़ी गईं। कई मुकाबले आर-पार हुए तो कई कुश्तियां बराबरी पर छूटीं। दंगल स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने पहलवानों के रोमांचक दांव-पेचों का जमकर आनंद लिया। दंगल में एक से बढ़कर एक नामी पहलवानों के मुकाबलों ने स्टेडियम में जोश, उत्साह और रोमांच का माहौल बनाए रखा। विराट कुश्ती दंगल का आयोजन भाजपा युवा मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ युवा नेता पं. विपुल गौड़ के संयोजन तथा दंगल अध्यक्ष संतोष शर्मा के नेतृत्व में किया जा रहा है। विशाल दंगल स्टेडियम अखाड़े में देश के विभिन्न राज्यों से आए नामी-गिरामी पहलवानों के साथ-साथ क्षेत्रीय पहलवानों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया जा रहा है। तीसरे दिन 11 हजार रुपये इनाम की कुश्ती बाबा भगतदास पहलवान हरिद्वार और अंगद तूफान पहलवान राजस्थान के बीच हुई, जिसमें बाबा भगतदास ने मुकाबला जीत लिया। वहीं 51 हजार रुपये की कुश्ती अमन पहलवान नंदूगढ़ी बिसावर और जनक पहलवान मथुरा के बीच हुई, जो बराबरी पर छूटी। दंगल में सबसे ज्यादा रोमांच उस समय देखने को मिला, जब 51 हजार रुपये इनाम की कुश्ती में चर्चित पहलवान लाड़ी बाबा अयोध्या का मुकाबला पंजाब के शेरे पंजाब पहलवान से हुआ। लाड़ी बाबा ने शानदार दांव-पेच दिखाते हुए दर्शकों को रोमांचित कर दिया। उनकी कुश्ती देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक अपनी जगह खड़े हो गए। जोरदार मुकाबले के बाद लाड़ी बाबा ने कुश्ती अपने नाम कर ली, जिसके बाद दंगल स्टेडियम में जमकर उत्साह देखने को मिला।
इसके बाद 1 लाख 11 हजार रुपये इनाम की कुश्ती विश्वजीत पहलवान बिचपुरी और मनीष पहलवान तिरवाया के बीच हुई, जो बराबरी पर समाप्त हुई। वहीं 1 लाख 21 हजार रुपये की कुश्ती बिट्टू पहलवान बिसावर और चंदू पहलवान मथुरा के बीच हुई। दोनों पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया और अंत में बिट्टू पहलवान बिसावर ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। दंगल की दूसरी बड़ी कुश्ती 1 लाख 51 हजार रुपये इनाम की रही, जिसमें कुमरपुर के अजीत पहलवान और पंजाब के शमशेर पहलवान आमने-सामने हुए। दोनों के बीच काफी जोरदार मुकाबला हुआ, लेकिन अंत में कुश्ती बराबरी पर छूट गई। दंगल की सबसे बड़ी और अंतिम खिताबी कुश्ती 2 लाख 51 हजार रुपये इनाम की रही। इसमें सिकंदराराऊ के भारत केसरी रामेश्वर पहलवान और हरियाणा के भारत केसरी संजय पहलवान के बीच मुकाबला हुआ। दोनों पहलवानों ने काफी देर तक एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और मल्लविद्या के शानदार जौहर दिखाए। काफी जोर आजमाइश के बावजूद कोई निर्णायक परिणाम नहीं निकल सका और खिताबी कुश्ती बराबरी पर समाप्त हुई। मुकाबले के दौरान पहलवानों के दांव-पेच देखकर दंगल स्टेडियम में मौजूद दर्शक रोमांचित हो उठे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि भाजपा जिला मंत्री विपिन लवानियां सहित विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों, व्यापारियों और पहलवानों का दंगल संयोजक विपुल गौड़, दंगल अध्यक्ष संतोष शर्मा, विशेष सहयोगी सुभाष उपाध्याय कोल्ड वाले, मार्गदर्शक अशोक शर्मा, स्वागत अध्यक्ष संदीप जादौन, निर्देशक अजय शर्मा, मुख्य व्यवस्थापक विकास भारद्वाज, सहसंयोजक रूपेश दीक्षित, गौरव रावत, सौरभ शर्मा, डॉ. कमल शर्मा, रानू ठाकुर, कोषाध्यक्ष मनोज शर्मा, सौरभ शर्मा आरटीओ, उदित शर्मा और सह व्यवस्थापक सुग्रीव पंडित सहित अन्य पदाधिकारियों ने पगड़ी बांधकर, दुपट्टा ओढ़ाकर तथा तस्वीर और गदा भेंटकर स्वागत एवं सम्मान किया। दंगल अखाड़े में कुश्तियों की रेफरीशिप मुकेश पहलवान, तरुण पहलवान, नवल उस्ताद और एनउनाई कोच तेजबहादुर द्वारा की जा रही है। वहीं दंगल की कमेंट्री कुंजबिहारी शर्मा कुंजी गुरु, पूर्व दंगल संयोजक बौ. प्रशांत शर्मा, सुनील बैनवाल और सचिन पहलवान द्वारा की जा रही है। दंगल की व्यवस्थाओं में हिमांशु गौड़, अनूप यादव, सुमित शर्मा, भरत, सत्यम, शुभम, गोपाल सिंह, हिमांशु भारद्वाज, विपिन ठाकुर, गौ सेवक राहुल उपाध्याय, योगी ठाकुर और लाला दीक्षित सहित अन्य सहयोगी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दंगल के चौथे दिन भी भारत केसरी सहित देश के नामी पहलवानों के बीच कई बड़े और रोमांचक मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।







