हाथरस 24 सितम्बर। चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर पं. विवेक उपाध्याय ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सर्वोपरि है। पं. विवेक उपाध्याय ने कहा कि यदि मतदाता, राजनीतिक दल और आम नागरिक चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो चुनाव आयोग को इन सवालों का तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, मतदान प्रक्रिया और वोट चोरी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को संबंधित रिकॉर्ड, दस्तावेज और आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि राजनीतिक दल, विशेषज्ञ और नागरिक समाज उपलब्ध तथ्यों की स्वतंत्र रूप से जांच कर सकें। उनके अनुसार जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट जवाब और ठोस प्रमाण चाहिए। पं. विवेक उपाध्याय ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी विश्वसनीयता से जुड़े सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि आयोग गंभीर सवालों का तथ्यात्मक और संतोषजनक जवाब देने में विफल रहता है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
उन्होंने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से पूरे मामले की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में यदि कोई अधिकारी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। पं. विवेक उपाध्याय ने कहा कि मतदाता सूची से लेकर मतदान और मतगणना तक चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वोट मतदाता की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति है और चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग वर्तमान में मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े विभिन्न उपायों पर काम कर रहा है। आयोग के अनुसार मतदाता सूचियों को राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों तथा उम्मीदवारों के मतदान एवं मतगणना एजेंटों द्वारा भी जांचा जाता है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मतदाता अपने नाम की जांच, मतदाता सूची में संशोधन तथा शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।









