
हाथरस 06 अक्टूबर। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 115वें लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज का भव्य समापन समारोह मेला पंडाल में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सीमा उपाध्याय, सदर विधायक श्रीमती अंजुला सिंह माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा, जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ब्रज शरद माहेश्वरी, अपना दल जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत, ब्लॉक प्रमुख हाथरस श्रीमती पूनम पाण्डेय, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रकाश चन्द्र एवं उप जिलाधिकारी सदर राजबहादुर सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों का बुके भेंट कर एवं पटका पहनाकर स्वागत किया गया। समापन समारोह में रामचन्द्र कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। हरचरनदास गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने लोकनृत्य एवं पंजाबी गीत-भंगड़ा की मनमोहक प्रस्तुति दी, वहीं सुर्जोबाई गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने ब्रज गीतों के साथ ‘सासू पनिया कैसे जाऊं’ एवं ‘रसीले दोयूं नैन’ पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ब्रज संस्कृति, लोक परंपरा एवं भारतीय सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। समारोह को संबोधित करते हुए सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने कहा कि दाऊजी महाराज का ऐतिहासिक एवं पौराणिक मेला हाथरस की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, पुलिस, आयोजकों, कलाकारों, व्यापारियों, सफाई कर्मियों, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों एवं आमजन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 6 अक्टूबर तक चले मेले में किसी अप्रिय घटना अथवा जनहानि का न होना प्रशासन की सजगता और सभी के सहयोग का परिणाम है।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सीमा उपाध्याय ने मेले को राजकीय एवं लक्खी मेले का स्वरूप प्रदान करने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर द्वारा मेले को भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए शासन स्तर तक जनता की मांग पहुंचाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भजन संध्या, धर्म सम्मेलन, लाफ्टर शो, दंगल एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं सहित अनेक कार्यक्रमों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशासन की सक्रियता से सुरक्षा एवं व्यवस्थाएं बेहतर रहीं। सदर विधायक श्रीमती अंजुला सिंह माहौर ने कहा कि दाऊजी महाराज का मेला हाथरस की आस्था, पहचान और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख उत्सव है। उन्होंने कहा कि 115 वर्षों से आयोजित हो रहा यह मेला लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। धार्मिक एवं सामाजिक सम्मेलनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत सम्मेलन, शिक्षक, बुनकर एवं मीडिया सम्मेलन तथा लाफ्टर शो जैसे आयोजनों ने मेले को और आकर्षक बनाया। उन्होंने जिला प्रशासन एवं अधिकारियों की मेहनत और बेहतर प्रबंधन की सराहना करते हुए सभी श्रद्धालुओं, नागरिकों, आयोजकों एवं मीडिया का आभार जताया। सिकंदराराऊ विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा ने कहा कि दाऊजी महाराज का मेला हाथरस का महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव है, जो सामाजिक सौहार्द एवं आपसी भाईचारे का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मेले में विभिन्न समाजों एवं वर्गों द्वारा लगाए गए शिविरों के माध्यम से महापुरुषों एवं गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया गया। उन्होंने मेले को राजकीय स्वरूप मिलने को इसकी गरिमा में महत्वपूर्ण वृद्धि बताते हुए पुलिस प्रशासन की सजगता की सराहना की।
जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ब्रज शरद माहेश्वरी ने कहा कि दाऊजी महाराज का ऐतिहासिक मेला अपनी भव्यता और गरिमा के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मेले को राजकीय स्वरूप दिलाने में सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयासों का उल्लेख किया और स्वर्गीय रामवीर उपाध्याय के योगदान को भी स्मरण किया। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निकाय, अधिकारियों-कर्मचारियों, सफाई कर्मियों, आयोजन समितियों एवं सभी सहयोगियों का आभार जताया। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेले की सफलता जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, विभिन्न विभागों, आयोजकों, कलाकारों, पत्रकारों, सफाई कर्मचारियों एवं आमजन के सामूहिक सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राजकीय मेले के रूप में इसे सांस्कृतिक गतिविधियों एवं जनपद के विकास को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच मिला है। मेले की व्यवस्थाओं में सामने आई कमियों का दस्तावेजीकरण कर आगामी वर्षों में सुधार किया जाएगा तथा दाऊजी महाराज मेले को हाथरस की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के रूप में संरक्षित एवं प्रचारित किया जाएगा। समापन समारोह के अवसर पर मेले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के संयोजकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों, एंकर सहित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला पर्यटन अधिकारी, संचालनकर्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।










