
हाथरस 23 सितम्बर। “आपका रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन का सहारा बन सकता है”—इसी संदेश के साथ एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) के तत्वावधान में सेठ पी.सी. बागला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हाथरस में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डा.) महावीर सिंह छोंकर के नेतृत्व में आयोजित शिविर में प्रोफेसरों, छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डा.) महावीर सिंह छोंकर ने कहा कि ऐसे रक्तदान शिविर समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए, ताकि जरूरतमंद मरीजों को आवश्यकता के समय रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति द्वारा रक्तदान करना सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने शिविर के आयोजन के लिए एडीएचआर टीम का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी महाविद्यालय की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। शिविर की व्यवस्थाओं में आईक्यूएसी समिति का योगदान भी सराहनीय रहा।
प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि जब किसी मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है तो उसके तीमारदारों को रक्त की व्यवस्था के लिए काफी प्रयास करने पड़ते हैं। कई बार धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद समय पर आवश्यक रक्त समूह नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक आधार है। उन्होंने एडीएचआर के रक्तदान एवं रक्तदाता जागरूकता अभियान की सराहना की। एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि रक्तदान शिविर लगाना संस्था की जिम्मेदारी है। जरूरतमंद व्यक्ति की ओर से रक्त की आवश्यकता की सूचना मिलने पर संस्था द्वारा उसके रक्त समूह की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि एडीएचआर का उद्देश्य केवल रक्त संग्रह करना नहीं, बल्कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता पैदा कर इसे जन-जन का अभियान बनाना है। उन्होंने स्वस्थ एवं पात्र लोगों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।
एडीएचआर जिलाध्यक्ष कमलकांत दोवराबाल ने कहा कि यदि हमारे रक्त की कुछ बूंदें किसी दूसरे व्यक्ति का जीवन बचाने में सहायक बनती हैं तो इससे बड़ा मानव सेवा का कार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि एडीएचआर सामाजिक सरोकारों और मानव सेवा के कार्यों के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहा है। शिविर में महाविद्यालय के प्रोफेसरों एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर रक्तदान किया। 61 यूनिट रक्त संग्रह होने पर एडीएचआर पदाधिकारियों एवं महाविद्यालय प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया और अन्य लोगों से भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। संस्था ने कहा कि रक्तदान केवल एक यूनिट रक्त देना नहीं, बल्कि किसी अनजान जरूरतमंद को जीवन की उम्मीद देना है। शिविर की व्यवस्थाओं में जिला महासचिव शैलेन्द्र सांवलिया, जिला कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, राजेश वार्ष्णेय, रवि गुप्ता, मुरारी चौधरी, प्रीती वर्मा, किरण चौधरी, अंकिता सहित चिकित्सकों, आईक्यूएसी सदस्यों, महाविद्यालय के शिक्षकों, सैकड़ों छात्र-छात्राओं एवं सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









