रेलवे ट्रैक पार करते समय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम
हाथरस 09 दिसम्बर । कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के मोहल्ला रमनपुर निवासी 86 वर्षीय थान सिंह चौहान की देर रात दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि थान सिंह रोजाना शहर के प्रसिद्ध गोपेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन करने जाया करते थे और वह बिजली कॉटन
दूध पीने के बाद मासूम की मौत, शादी की खुशियां मातम में बदलीं
हाथरस 09 दिसम्बर । कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव लाढ़पुर निवासी रवि के परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं, इसी बीच एक दर्दनाक घटना से पूरे घर का माहौल मातम में बदल गया। परिजनों के अनुसार, रवि की भाभी ने अपने बच्चे आरव को रात में दूध
बहला-फुसलाकर युवती को ले जाने का आरोप, मां को अनहोनी की आशंका, पुलिस से कार्रवाई की मांग
हाथरस 09 दिसम्बर । कोतवाली सदर क्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला सुबह काम के लिए घर से बाहर गई थी, जबकि उसकी बेटी घर पर ही मौजूद थी। जब महिला शाम को वापस लौटी तो बेटी घर से गायब मिली। परिजनों ने आसपास व रिश्तेदारी में काफी
हाथरस में विदेश में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, थाईलैंड भेजकर म्यांमार में साइबर स्लेवरी में फंसाए गए दो सगे भाई
हाथरस 09 दिसम्बर । कोतवाली सादाबाद क्षेत्र के गांव गढ़उमराव निवासी समीर अली पुत्र सप्तान खां और उनके भाई सगीर अली के साथ विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जुलाई 2025 में नवी मुंबई, महाराष्ट्र निवासी प्रमोद कुमार यादव से मोबाइल
अलीगढ़ की किशोरी के लिए के.डी. हॉस्पिटल के चिकित्सक बने भगवान, सर्जरी के माध्यम से भोजन करने में असमर्थ बुशरा की आहार नली बनाई
मथुरा 09 दिसम्बर । के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ गैस्ट्रो सर्जन डॉ. मुकुंद मूंदड़ा और उनकी टीम गांव चंडौस, तहसील गभाना, जिला अलीगढ़ निवासी किशोरी बुशरा (18) पुत्री इलियास के लिए भगवान साबित हुई। चिकित्सकों ने लगभग नौ घंटे के अथक प्रयासों के बाद सर्जरी के माध्यम से पिछले आठ
बच्चों के दांतों के गलत संरेखण को न करें नजरंदाजः डॉ. दीपेश प्रजापति, के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में हैंड्स-ऑन वर्कशॉप आयोजित
मथुरा 08 दिसम्बर । बच्चों में दांतों का गलत संरेखण (टेढ़े-मेढ़े दांत) एक आम समस्या है, जो आनुवांशिकी, अंगूठा चूसना, मुंह से सांस लेना या दूध के दांतों के जल्दी गिरने जैसे कारकों से होती है। यह अक्सर बड़े होने पर अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ मामलों में ऑर्थोडोंटिक उपचार (ब्रेसेस या अलाइनर्स)















