Hamara Hathras

Latest News

नई दिल्ली 29 जुलाई। लोकसभा ने विपक्ष के वॉकआउट के बीच ध्वनिमत से पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 यानी एंटी-पेपर लीक बिल को पारित कर दिया। अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा और वहां से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने पर कानून का रूप लेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने 27 जुलाई को यह विधेयक लोकसभा में पेश किया था। सरकार के अनुसार, नए कानून का उद्देश्य पेपर लीक माफिया पर सख्त कार्रवाई कर सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को मजबूत करना है। विधेयक में दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष तक के कारावास और ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। लोकसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस और नारेबाजी भी हुई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए, जबकि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनके आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था और कानून के अनुसार गोली चलाने का आदेश केवल मजिस्ट्रेट ही दे सकता है। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी राहुल गांधी से अपने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने की मांग की, वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में तथ्यों के आधार पर ही आरोप लगाने की नसीहत दी। यह विधेयक देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर हुए छात्र आंदोलन और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग के बीच लाया गया है। सरकार का दावा है कि नए कानून से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा, जबकि विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका निष्पक्ष और प्रभावी क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page