सिकन्दराराऊ 30 अक्टूबर। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले भाजपा नेता सेक्रेटरी यादव को घर में नजरबंद किए जाने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस की अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने तत्कालीन जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी और कोतवाली प्रभारी सहित संबंधित पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी कर घटना के संबंध में उनका पक्ष एवं रिपोर्ट तलब की है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर 2026 की तारीख निर्धारित की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहल्ला हुसमतगंज निवासी सेक्रेटरी यादव ने न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। प्रार्थी ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया है कि वह पूर्व में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और भाजपा के जिला महामंत्री संगठन रह चुके हैं। इसके अलावा वह सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्र से दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 28 जून 2026 को सिकंदराराऊ में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान वह जनहित से जुड़ी समस्याओं एवं स्थानीय अधिकारियों की शिकायतों के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देना चाहते थे। आरोप है कि इसकी जानकारी होने पर 27 जून की रात करीब आठ बजे पुलिसकर्मियों ने उन्हें उनके घर में ही कथित रूप से अवैध तरीके से नजरबंद कर दिया। प्रार्थी के अनुसार, मुख्यमंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद करीब 17 घंटे पश्चात उन्हें मुक्त किया गया।
सेक्रेटरी यादव का कहना है कि उन्होंने इस घटना के संबंध में पुलिस महानिदेशक, लखनऊ सहित अन्य उच्चाधिकारियों को डाक के माध्यम से शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(4) के प्रावधानों के तहत संबंधित अधिकारियों एवं उनके वरिष्ठ अधिकारियों से घटना के तथ्यों और परिस्थितियों के संबंध में रिपोर्ट तथा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
अब इस मामले में 19 नवंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर नजरें टिकी हैं। अदालत में संबंधित अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।










