
हाथरस 23 अक्टूबर। जनपद में यातायात व्यवस्था को सुगम और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में नगला भुस-मीतई तिराहे से मेंडू रोड, पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी तक 8.2 किलोमीटर लंबे बाईपास मार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। इस बाईपास की अनुमानित लागत 14,513.51 लाख रुपये यानी करीब 145.14 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इसके निर्माण से जनपद के दर्जनों गांवों को प्रमुख मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों तक बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित बाईपास के संबंध में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व में शासन को भेजी गई कार्ययोजना पर आई आपत्तियों का तत्काल निस्तारण किया जाए। इसके बाद आवश्यक अभिलेखों के साथ संशोधित प्रस्ताव दोबारा शासन को भेजा जाए, ताकि निर्माण की प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना प्राथमिकता है। प्रस्तावित बाईपास के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों का सड़क संपर्क मजबूत होगा और लोगों को प्रमुख मार्गों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने बताया कि प्रस्तावित बाईपास की लंबाई 8.200 किलोमीटर और चौड़ाई 7 मीटर निर्धारित की गई है। इसके डिजाइन को तैयार करते समय बाईपास से जुड़ने वाले मार्गों के सर्वेक्षण, यातायात संबंधी आंकड़ों और तकनीकी मानकों को ध्यान में रखा गया है।
इस बाईपास से पापरी, कटैलिया, पैकवाड़ा, कुम्हरई, गढ़ी जैनी, टिपरस, गढ़ी गिरधरा, बौजिया, सोखना, रूहेरी, मीतई, कलवारी, तरफरा, ढकपुरा और दादनपुर सहित अन्य गांवों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बाईपास के माध्यम से इन क्षेत्रों के लोगों को प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। प्रस्ताव के अनुसार, बाईपास से एनएच-530बी और एनएच-509 सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों को संपर्क सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त वाहनपुर-कंचना फाटक से मथुरा सीमा तक पुराने एनएच-530बी के आंतरिक हिस्से, हाथरस-जलेसर मार्ग, एनएच-93 से कलवारी होते हुए हाथरस-जलेसर मार्ग तथा चंद्रगढ़ी-पापरी-गढ़ी जैनी मार्ग को भी इससे जोड़ने की योजना है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रस्ताव में सामने आई कमियों और आपत्तियों का शीघ्र निस्तारण कर शासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ने पर यह बाईपास जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों को प्रमुख मार्गों से जोड़ने तथा क्षेत्रीय आवागमन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।










