सिकन्दराराऊ 22 अक्टूबर। सिकंदराराऊ क्षेत्र के एटा रोड स्थित ग्राम फुलरई में मुख्य सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी करने और घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर डाली गई गिट्टियां हल्के हाथ से छूने पर ही उखड़ रही हैं। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। ग्राम प्रधान योगेश यादव और स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से करीब 500 से 600 मीटर सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिली, जबकि ग्रामीणों के अनुसार गांव की लगभग 800 मीटर सड़क खराब स्थिति में है।
बताया गया कि मंगलवार को सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि गिट्टियां डालने से पहले सड़क की सतह से सूखी मिट्टी को ठीक से साफ नहीं किया गया और न ही निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक परत तैयार की गई। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई तो सड़क कुछ ही दिनों में दोबारा उखड़ सकती है। ग्रामीणों ने इस स्थिति को सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग से जोड़ते हुए निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग उठाई है। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने मौके पर मौजूद ठेकेदार और सुपरवाइजर से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल किए तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि अधिकारियों से शिकायत करने की बात कहे जाने के बाद मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य रोकने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, ठेकेदार का कहना है कि उसे सड़क के गड्ढे भरने का काम सौंपा गया है और वह मिले निर्देशों के अनुसार ही कार्य करा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही, सड़क की स्थिति के चलते हादसों का खतरा भी बना रहता है। ग्राम प्रधान योगेश यादव इस मामले की शिकायत करने हाथरस पहुंचे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से सड़क निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने तथा अनियमितता की पुष्टि होने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन के दौरान योगेश यादव, पप्पू यादव, बिट्टू सिंह, रतन कुमार, मोहित कुमार सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। फिलहाल, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।










