सादाबाद 21 अक्टूबर । क्षेत्र के गांव पचावरी के भाग बड़े सुमरा में अज्ञात कारणों से खेत में रखी बाजरे की करब में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से एक निराश्रित विधवा महिला की करीब चार बीघा खेत की बाजरे की करब जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने घरेलू समरसेबल पंपों और बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन तेज लपटों के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। दमकल के पहुंचने से पहले ही पूरी करब जल चुकी थी।
गांव बड़ा सुमरा निवासी समुद्री देवी पत्नी स्वर्गीय गीतम सिंह अपने बच्चों के साथ रहती हैं। उन्होंने अपने खेत में करीब चार बीघा बाजरे की करब एकत्रित करके रखी थी। मंगलवार रात करीब आठ बजे अचानक करब से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। खेत से उठती ऊंची लपटों को देखकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने आसपास लगे घरेलू समरसेबल पंप चालू किए। बाल्टियों में पानी भरकर आग पर डालना शुरू किया। पीड़िता भी ग्रामीणों के साथ अपनी करब बचाने का प्रयास करती रही। हालांकि सूखी करब में आग तेजी से फैलने के कारण देखते ही देखते पूरी करब जलकर राख हो गई। घटना की सूचना ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद दमकल की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची। तब तक महिला की करीब चार बीघा बाजरे की करब पूरी तरह जल चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने पर बिसावर चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची और पीड़िता तथा ग्रामीणों से जानकारी ली। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पति की मौत के बाद बच्चों का पालन-पोषण कर रही निराश्रित महिला की करब जलने से उसे आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने पीड़िता को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।









