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सिकन्दराराऊ (हसायन) 11 अक्टूबर। कोतवाली क्षेत्र के कानऊ सकरा मार्ग स्थित गांव कानऊ में हो रही बाल श्रीरामलीला मंडल के तत्वावधान में प्राचीन श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन गांव के हिन्दु अनुयाई ग्रामीणों के जनसहयोग से कराया जा रहा है।श्रीरामलीला महोत्सव के कार्यक्रम के उपलक्ष्य में रविवार ग्यारह अक्तूबर की शाम पांच बजे गांव में आज निकलने वाली श्रीराम बारात को कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर श्रीराम बारात के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नही होने तर्क देकर रोक दिया।गांव कानऊ में पच्चीस तीस वर्ष से श्रीरामलीला के कार्यक्रम का आयोजन होता चला आ रहा है।इस बार श्रीरामलीला के कार्यक्रम के आयोजन की परमीशन गांव कानऊ के रहने वाले बाल श्रीरामलीला महोत्सव कार्यक्रम कमेटी के अध्यक्ष शंकरलाल पुत्र तेजपाल के द्वारा उपजिला मजिस्ट्रेट सिकन्द्राराऊ एसडीएम धर्मेन्द्र सिंह चौहान के यहां पर आवेदन कर ली थी।श्रीरामलीला महोत्सव के कार्यक्रम में कोतवाली पुलिस,खंड विकास अधिकारी,एसडीओ विद्युत के द्वारा अपनी अपनी आख्या प्रस्तुत कर अनुमति दी गई थी।श्रीरामलीला महोत्सव के कार्यक्रम के दौरान हमेशा से ही श्रीराम बारात का आयोजन होता हुआ आ रहा है। कोतवाली पुलिस ने तर्क देते हुए ग्रामीणों से कहा कि जब श्रीरामलीला के कार्यक्रम के आयोजन की परमिशन अनुमति ली गई।मगर उसमें राम बारात का विवरण कोई भी जिक्र नहीं किया गया है।इसकी भनक किसी विजातीय विशेष जाति समुदाय के व्यक्ति को लग गई। उसने कोतवाली हसायन को अवगत कराया कि बिना परमिशन अनुमति के ही गांव में श्रीराम बारात निकाली जा रही है।जिसमें उपद्रव हो सकता है।ग्रामीणों ने श्रीरामलीला के कार्यक्रम के आयोजन की अपनी परमिशन दिखाई।जिसमें राम बारात भ्रमण का कोई जिक्र नहीं था।फिलहाल गांव कानऊ में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।आयोजकों और पुलिस के मध्य बारात निकलने को लेकर चर्चा चल रही है।उल्लेखनीय है कि बारह वफात के जुलूस को लेकर भी इस गांव में कई वर्षों से विवाद चल रहा है। बारावफात के जुलूस के कार्यक्रम के दौरान गांव के ग्रामीणों ने बारावफात के जुलूस को निकाले जाने से रोक दिया गया था।रविवार ग्यारह अक्तूबर को श्रीराम बारात के कार्यक्रम के आयोजन के दौरान मुस्लिम समाज के किसी व्यक्ति द्वारा राम बारात की परमिशन न होना प्रशासन को बताया।इस कारण पुलिस हरकत में आ गई भारी फोर्स के साथ कार्यक्रम को कार्यक्रम को रूकवा दिया गया और फिलहाल राम बारात की सभी तैयारियां पूर्ण है।और आयोजन पुलिस के मध्य वार्ता चल रही है।श्रीराम बारात के कार्यक्रम का आयोजन टलने पर भगवान श्रीराम,लक्ष्मण भरत,शत्रुघ्न,राजा दशरथ,सुमंत,गुरू वशिष्ठ के साथ भगवान शिव शंकर पार्वती भगवान गणेश के स्वरूप श्रंगार किए ही रह गए।श्रीराम बारात के कार्यक्रम के आयोजन को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच काफी तर्क विर्तक के साथ जमकर नौंकझौक भी हो गई।कानऊ गांव में आयोजित हो रही श्रीरामलीला का उद्घाटन पूर्व ब्लाक प्रमुख श्वेता सिंह के प्रतिनिधि के रूप में पति सुमंत किशोर सिंह के द्वारा किया गया था।क्योंकि वह गांव कानऊ के रहने वाले है,कानऊ गांव उनका पैतृक गांव है।श्रीराम बारात निकालने से रोक लगाए जाने की सूचना मिलने पर वह भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए हैं और पुलिस से उनकी भी वार्ता चल रही है।उनका कहना है की रामलीला की परमिशन है,रामबरात रोकने का कोई भी औचित्य नहीं है।राम बारात निकालकर ही रहेगी।इस संबंध में कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष चिकारा ने बताया कि गांव कानऊ के ग्रामीणों पर श्रीरामलीला की परमीशन है।ग्रामीण आयोजक ने श्रीराम बारात की अनुमति नही ली थी।इसीलिए श्रीराम बारात के आयोजन को रोक दिया गया है।ग्रामीणों से कह दिया है कि पहले वह श्रीराम बारात के आयोजन कार्यक्रम के लिए परमीशन लेकर आए।तभी वह श्रीराम बारात निकाल सकेगें।

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