
हाथरस 05 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्रीय चुनाव समिति ने उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर होने वाले राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव के लिए अपने 8 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुग द्वारा घोषित इस सूची में किसी भी बाहरी नेता को स्थान न देकर पूरी तरह स्थानीय, निष्ठावान और संगठनात्मक रूप से सक्रिय नेताओं को प्राथमिकता दी गई है। नामांकन की अंतिम तिथि से ठीक एक दिन पहले जारी सूची में भाजपा ने सभी मौजूदा राज्यसभा सांसदों का टिकट काटते हुए पूरी तरह से नए चेहरों को मैदान में उतारा है।
भाजपा के 8 प्रत्याशियों का परिचय व प्रोफाइल:
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धर्मपाल सिंह: बरेली की आंवला सीट से भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री। लोधी समाज का प्रमुख चेहरा।
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राधाकांत ओझा: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और प्रयागराज के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता।
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प्रकाश पाल: उत्तर प्रदेश भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के वरिष्ठ संगठनकर्ता।
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विद्यासागर सोनकर: वरिष्ठ दलित नेता, पूर्व लोकसभा सांसद एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य (MLC)।
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गोपी कृष्ण पाण्डेय: भाजपा के वरिष्ठ संगठनकर्ता, जो लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं।
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प्रियंका सिंह रावत: बाराबंकी से 16वीं लोकसभा की पूर्व सांसद एवं पार्टी की प्रमुख महिला व दलित चेहरा।
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राम प्रताप सिंह चौहान: एत्मादपुर (आगरा) के पूर्व विधायक एवं वर्तमान में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री (राजपूत चेहरा)।
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श्रुति गंगवार: बरेली क्षेत्र की वरिष्ठ नेत्री, शहरी सहकारी बैंक से जुड़ीं सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता संतोष गंगवार की पुत्री।
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन से 2027 का संदेश
आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। प्रत्याशियों में तीन पिछड़े वर्ग (ओबीसी), दो दलित, दो ब्राह्मण और एक राजपूत समाज के नेताओं को स्थान दिया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार के रूप में दो महिलाओं को प्रतिनिधित्व देकर आधी आबादी को साधने की रणनीति बनाई गई है।
दो केंद्रीय मंत्रियों की छुट्टी, 16 अक्टूबर को होगा मतदान
पार्टी ने इस बार कार्यकाल पूरा कर रहे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बी.एल. वर्मा को दोबारा राज्यसभा भेजने से परहेज किया है, जिससे उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होने की अटकलें तेज हो गई हैं। इनके अलावा बृजलाल, डॉ. दिनेश शर्मा, नीरज शेखर और सीमा द्विवेदी जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी दोबारा मौका नहीं मिला है।
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान संपन्न होगा। सपा ने प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवाणी को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने 8 सीटें घोषित कर नौवीं सीट पर सस्पेंस बरकरार रखा है।







