हाथरस 03 अक्टूबर। मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल ओपी आर्य के जनपद आगमन पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बुके भेंटकर उनका स्वागत किया। इसके बाद पुलिस बल द्वारा मंडलायुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर सलामी दी गई। निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंडलायुक्त ने मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, दवा एवं जांच सेवाओं तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की मौके पर समीक्षा की और अधिकारियों को व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने सबसे पहले पर्चा काउंटर का जायजा लिया और प्रतिदिन अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या सहित अन्य जानकारी प्राप्त की। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1200 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। इसके बाद मंडलायुक्त ने बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष, दंत विभाग, वरिष्ठ परामर्शदाता कक्ष, हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष, जनरल फिजिशियन कक्ष, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी एवं सिटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों से उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी ली।
ई-सुश्रुत प्रक्रिया को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश
मंडलायुक्त ने ई-सुश्रुत प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से गंभीर अथवा विशिष्ट बीमारी से पीड़ित और लंबे समय तक उपचार लेने वाले मरीजों की मेडिकल जानकारी को डिजिटल रूप से उपलब्ध रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मरीज की मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप से उपलब्ध रहने से उपचार प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और प्रभावी होगी। दंत रोग विभाग के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को अनावश्यक प्रतीक्षा से बचाने के लिए एक अतिरिक्त यूनिट तैयार करने के निर्देश दिए। दवा वितरण कक्ष के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने दवा वितरण पंजिका और उपलब्ध दवाओं की एक्सपायरी डेट की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को किसी भी स्थिति में अनावश्यक रूप से बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े और उन्हें एक ही स्थान पर उपचार एवं जांच की सुविधा मिल सके।
महिला अस्पताल में मरीजों से किया सीधा संवाद
इसके बाद मंडलायुक्त ने महिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट, जनरल वार्ड एवं आपातकालीन कक्ष की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उनके स्वास्थ्य, उपचार और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री और उपचार की स्थिति के बारे में चिकित्सकों से भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मरीजों को फल वितरित कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि भर्ती मरीजों को समय से उपचार, निर्धारित आहार एवं पौष्टिक भोजन तथा सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों एवं कमजोर मरीजों के पोषण और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि मरीजों को केवल उपचार उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पोषण, स्वच्छता, दवा, जांच, समयबद्ध उपचार और मानवीय व्यवहार भी स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न हिस्सा हैं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
अस्पताल की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश
मंडलायुक्त ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर और सभी वार्डों में स्वच्छता की स्थिति हर समय बेहतर रहनी चाहिए। मरीजों एवं तीमारदारों के लिए पेयजल, बैठने, शौचालय सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा मरीजों को अनावश्यक रूप से परेशान न होने देने के निर्देश दिए। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों एवं चिकित्सकीय उपकरणों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आवश्यक दवाओं, चिकित्सकीय उपकरणों, जांच सुविधाओं और अन्य संसाधनों की उपलब्धता में कमी नहीं होनी चाहिए। यदि कोई उपकरण खराब है तो उसे तत्काल ठीक कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तर पर मांग भेजकर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मंडलायुक्त ने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित एवं प्रभावी निगरानी की जाए तथा निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों का तत्काल निराकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार एक सतत प्रक्रिया है और मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने मंडलायुक्त को विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय स्टाफ, पोषण एवं आपातकालीन सेवाओं के संबंध में जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, सहायक विकास आयुक्त अलीगढ़ मंशाराम यादव, अपर जिलाधिकारी वि./रा., मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक एवं संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।











