सादाबाद (सहपऊ) 30 सितम्बर। मानदेय बढ़ाने और लंबे समय से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने की मांग को लेकर बुधवार को आशा कार्यकर्ताओं ने सीएचसी प्रभारी की अनुपस्थिति में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुचिता सहाय को ज्ञापन सौंपा। आशा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी विभिन्न मांगों को शीघ्र पूरा किए जाने की मांग उठाई। ज्ञापन में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से कहा गया है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो 23 अक्टूबर को लखनऊ में महापड़ाव किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 13 फरवरी को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता में 13 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन उनके अनुसार अभी तक उन मांगों को लागू नहीं किया गया है। इससे आशा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। यूनियन ने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह तथा संगिनियों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की है। इसके अलावा आशा कार्यकर्ताओं के लिए 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर और अतिरिक्त पांच लाख रुपये की सुविधा दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में उठाई गई है।
आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में उनके द्वारा किए गए कार्यों की प्रोत्साहन राशि भी लंबे समय से लंबित है। उनके मुताबिक कोविड-19 के दौरान घोषित एक हजार रुपये प्रतिमाह की राशि के अलावा टीबी, डेंगू, फाइलेरिया और नसबंदी जैसे स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित प्रोत्साहन राशि का भी भुगतान नहीं किया गया है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और अभियानों को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद लंबित भुगतान और मानदेय से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से यूनियन ने शासन स्तर पर अपनी मांगों का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 23 अक्टूबर को लखनऊ में महापड़ाव किया जाएगा।










