हाथरस 24 सितम्बर। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व कार्यों एवं वसूली, एनएचएआई के वादों तथा विभिन्न धाराओं के अंतर्गत लंबित वादों एवं संदर्भों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्धारित समय सीमा से अधिक समय से लंबित वादों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों के न्यायालयों में धारा 24, 144, 67, 116, 38, 133 एवं 145 के अंतर्गत लंबित वादों की तहसीलवार समीक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामले गंभीर प्रकृति के होते हैं और इनके कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने मेड़बंदी, कुर्रा-बंटवारा एवं भूमि से संबंधित अन्य मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने तथा पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक रूप से लंबित पाए जाने वाले मामलों में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवाद से संबंधित सामान्य प्रकरणों में दोनों पक्षों को मौके पर बुलाकर आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण का प्रयास किया जाए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को अपने अधीनस्थ न्यायालयों का समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि वादों के निस्तारण की प्रगति की नियमित समीक्षा होती रहे। धारा 80 के अंतर्गत आने वाले मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने ऐसे प्रकरणों में सह-खातेदारों की सहमति अनिवार्य रूप से प्राप्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व वसूली एवं अन्य संबंधित कार्यों की प्रभावी निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, समस्त उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला सूचना अधिकारी, समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खनन अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, पटल सहायक सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।








