अयोध्या, 03 जुलाई। राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के बीच एक नया पहलू सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, मामले के उजागर होने से पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बैंक खातों में प्रतिदिन औसतन 16 से 18 लाख रुपये दान के रूप में जमा हो रहे थे। वहीं प्रकरण सामने आने के बाद यह राशि बढ़कर 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, बैंक खातों में जमा हो रही दानराशि में आए इस अंतर को देखते हुए जांच एजेंसियां यह भी पड़ताल कर रही हैं कि पहले प्रतिदिन जमा होने वाली राशि कम क्यों थी। इसी आधार पर एसआईटी ने दानराशि में संभावित अनियमितता के पहलू को भी अपनी जांच में शामिल किया है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की है।
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ा है। राम जन्मभूमि मंदिर के सिंह द्वार स्थित यात्री सहायता केंद्र के दान काउंटरों पर श्रद्धालु पहले की तरह नकद और यूपीआई के माध्यम से दान कर रहे हैं। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक दान काउंटर पर प्रतिदिन 60 हजार से एक लाख रुपये तक का चढ़ावा प्राप्त होता है, जबकि अवकाश और विशेष अवसरों पर यह राशि बढ़कर दो लाख रुपये तक पहुंच जाती है। मंदिर परिसर में ऐसे लगभग 10 दान काउंटर संचालित हैं, जहां प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक दान स्वीकार किया जाता है। एसआईटी बैंक रिकॉर्ड, दान काउंटरों के लेखा-जोखा और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। दानराशि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के खातों में जमा की जाती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बैंक में जमा होने वाली राशि में आया अंतर किन कारणों से है और क्या इसका संबंध कथित चढ़ावा चोरी या वित्तीय अनियमितता से है। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और किसी भी प्रकार की अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।






















