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सिकन्दराराऊ 23 सितम्बर। विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रसूलपुर में ग्राम समाज की भूमि पर गिरे नीम के पेड़ को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि आंधी-बारिश के दौरान खेत में गिर गए नीम के पेड़ को वर्तमान महिला ग्राम प्रधान के ससुर द्वारा करीब 16 हजार रुपये में लकड़ी ठेकेदार को बेच दिया गया। इसके बाद ठेकेदार द्वारा पेड़ की लकड़ी काटी जा रही थी। जानकारी के अनुसार रसूलपुर गांव से सटी ग्राम समाज की भूमि पर खड़ा नीम का पेड़ कुछ दिन पूर्व आंधी-बारिश के दौरान खेत में गिर गया था। आरोप है कि इसके बाद ग्राम प्रधान के ससुर ने पेड़ को लकड़ी ठेकेदार के हाथ 16 हजार रुपये में बेच दिया। ठेकेदार द्वारा पेड़ काटे जाने की जानकारी मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। जांच के दौरान पेड़ ग्राम समाज की भूमि पर गिरा होना बताया गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने लकड़ी ठेकेदार से पूछताछ की तो उसने पेड़ ग्राम प्रधान की ओर से बेचे जाने की बात बताई। इसके बाद प्रधान के ससुर को मौके पर बुलाया गया। आरोप है कि उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों के सामने पेड़ को 16 हजार रुपये में बेचने की बात स्वीकार की।

बताया गया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने पेड़ काटने से पहले अनुमति लिए जाने की बात कही। इस पर कथित तौर पर यह भी कहा गया कि इससे पहले कई पेड़ कटवाए जा चुके हैं और कभी शिकायत नहीं हुई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले को लेकर ग्राम समाज की भूमि पर मौजूद पेड़ की बिक्री और उसकी लकड़ी काटे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर यह सवाल है कि यदि ग्राम समाज की भूमि पर गिरे पेड़ को बेचने के लिए अनुमति आवश्यक थी, तो अनुमति किस स्तर से दी गई और बिक्री से प्राप्त धनराशि का क्या हुआ। इस संबंध में वन विभाग के बीट प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की भूमि पर नीम का पेड़ गिरा हुआ था, जिसे ग्राम प्रधान द्वारा बेचकर कटवाया जा रहा है। उन्होंने इसे राजस्व विभाग से संबंधित मामला बताया और कहा कि यह वन विभाग के अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। वहीं, खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने भी इसे राजस्व विभाग से संबंधित मामला बताते हुए कहा कि इस संबंध में लेखपाल द्वारा कार्रवाई देखी जाएगी। अब मामले में राजस्व विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेड़ की बिक्री के लिए कोई अनुमति दी गई थी या नहीं और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।

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