
हाथरस 01 सितम्बर। जलेसर रोड स्थित मोहन नगर नई बस्ती और नया बांस कॉलोनी के दर्जनभर से अधिक निवासी मंगलवार को रास्ता बंद होने और जलभराव की समस्या से परेशान होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी अतुल वत्स को शिकायती पत्र सौंपते हुए सार्वजनिक रास्ते से कथित अवैध कब्जा हटवाने, सड़क निर्माण कराने और जल निकासी के लिए नाली बनवाने की मांग की। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बस्ती से होकर गुजरने वाले वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते (चकरोड) पर एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से फर्जी बैनामा कराकर कब्जा कर लिया गया है। रास्ता बंद होने के कारण लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं जल निकासी की व्यवस्था भी बाधित हो गई है। क्षेत्रवासियों के अनुसार नया बांस क्षेत्र से होकर गुजरने वाला यह चकरोड लंबे समय से स्थानीय आबादी के आवागमन का प्रमुख रास्ता रहा है। सीताराम और रीमा सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि राजकुमार अग्रवाल नामक व्यक्ति ने उक्त भूमि का कथित रूप से फर्जी बैनामा कराकर रास्ते पर कब्जा कर उसे बंद कर दिया है। लोगों का कहना है कि रास्ता बंद होने के कारण क्षेत्र में पक्की सड़क का निर्माण भी नहीं हो पा रहा है। वहीं जल निकासी के लिए नाली नहीं होने से बारिश के दौरान कॉलोनी में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। कई दिनों तक पानी जमा रहने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी होती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।
जलभराव से बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन प्रभावित
क्षेत्र की महिलाओं और अन्य निवासियों ने बताया कि जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। बुजुर्गों और महिलाओं को मंदिर जाने तथा रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए बाहर निकलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि लंबे समय से समस्या बनी होने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
डीएम से जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी अतुल वत्स को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने, सार्वजनिक रास्ते को कब्जामुक्त कराने तथा सड़क और नाली निर्माण कराने की मांग की। शिकायतकर्ताओं के अनुसार अधिकारियों ने उनकी समस्या सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों और विभागीय टीम को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। क्षेत्रवासियों ने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं कराया गया और सार्वजनिक रास्ते को कब्जामुक्त कर जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द राहत दिलाने की मांग की है।











